राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन का कहना है कि राजस्थान की उप मुख्यमंत्री (वित्त) ने पहला लेखानुदान पेश किया, जिसमें बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं की गईं लेकिन उप मुख्यमंत्री के पिटारे में अल्पसंख्यकों के लिए कुछ नहीं होना सम्पूर्ण अल्पसंख्यक वर्ग को निराशा करने वाला है। पढिए यह रिपोर्ट…
जयपुर l राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन का कहना है कि राजस्थान की उप मुख्यमंत्री (वित्त) ने पहला लेखानुदान पेश किया, जिसमें बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं की गईं लेकिन उप मुख्यमंत्री के पिटारे में अल्पसंख्यकों के लिए कुछ नहीं होना सम्पूर्ण अल्पसंख्यक वर्ग को निराशा करने वाला है, जिसके परिणाम आगामी लोकसभा चुनाव में सरकार को मिल सकते हैं। जैन का कहना है कि राजस्थान सरकार के द्वारा पेश किया गया लेखानुदान पूरी तरह से अल्पसंख्यक वर्ग के लिए विरोधी है, जिसके कारण अल्पसंख्यक वर्ग के सभी समुदायों का युवा वर्ग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।
इतना ही नहीं सम्पूर्ण अल्पसंख्यक वर्ग के समाजश्रेष्ठी और कर्मचारियों में घोर निराशा व्याप्त है। राजस्थान सरकार के द्वारा सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास एवं सबका कल्याण केवल नारों तक ही सीमित हो जाएगा, ऐसा सोचा न था। सम्पूर्ण लेखानुदान में अल्पसंख्यक वर्ग का जिक्र भी नहीं करना बड़ा अचरज करने वाला है। यह पहला अवसर है जब अल्पसंख्यक मामलात विभाग की कमान माननीय मुख्यमंत्री खुद सम्भाल रहे हों और अल्पसंख्यकों के लिए उनकी सरकार का पिटारा खाली हो तो भजन के विजन को अल्पसंख्यक विरोधी नहीं कहे तो क्या कहें।

कागजों में सीमित योजना
वहीं युवा परिषद् के संरक्षक अशोक बांठिया ने बताया कि लेखानुदान में रणकपुर जैन मंदिर के सौन्दर्यीकरण एवं सुविधाएं विकसित करने की घोषणा करना सराहनीय कदम है लेकिन लेखानुदान में अल्पसंख्यक वर्ग की उपेक्षा करना मन को पीड़ा देने वाला है। राजस्थान सरकार द्वारा बनाई गई 100 दिन कार्ययोजना भी बिना बजट के केवल कागजों में रह पाएगी, धरातल पर नहीं आ पाएगी।













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