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जैन धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण का मामला : विश्व जैन संगठन की कनाडा में भारत के राजदूत से विशेष मुलाकात


 विश्व भर में जैन धार्मिक स्थान की सुरक्षा व गुजरात के जूनागढ़ में स्थित गिरनार जी को अतिक्रमण मुक्त कर अनधिकृत कब्जे को हटाने के लिए विश्व जैन संगठन द्वारा जैन तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ आंदोलन दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान से 17 दिसंबर 2023 को शुरू हुआ। इसके समर्थन में 16 दिसंबर, 2023 को ब्राम्पटन सिटी हॉल, कनाडा मे रैली का आयोजन हुआ और 17 दिसंबर 2023 को श्री जैन मंदिर, टोरंटो में समर्थन सभा हुई। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। विश्व भर में जैन धार्मिक स्थान की सुरक्षा व गुजरात के जूनागढ़ में स्थित गिरनार जी को अतिक्रमण मुक्त कर अनधिकृत कब्जे को हटाने के लिए विश्व जैन संगठन द्वारा जैन तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ आंदोलन दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान से 17 दिसंबर 2023 को शुरू हुआ। विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इसके समर्थन में 16 दिसंबर, 2023 को ब्राम्पटन सिटी हॉल, कनाडा मे रैली का आयोजन हुआ और 17 दिसंबर 2023 को श्री जैन मंदिर, टोरंटो में समर्थन सभा हुई। इसके बाद 19 दिसंबर 2023 को सिद्धार्थ नाथ काउंसिल जनरल भारत सरकार को टोरंटो में एक मेमोरेंडम दिया गया। मेमोरेंडम में बताया गया कि श्री गिरनार जी तीर्थ जो जूनागढ़ गुजरात में स्थित है, अल्पसंख्यक जैन धर्म अनुयायियों का सर्वोच्च तीर्थ है, जहां से 22वे तीर्थंकर श्री नेमिनाथ भगवान ने पांचवी टोंक से मोक्ष को प्राप्त किया। सन् 2004 से पांचवी टोंक पर अनधिकृत कब्जा कर अतिक्रमण कर लिया गया है। जैन अनुयायियों को हिंसा का डर दिखा करके वहां पर जाने से रोक दिया जाता है। 17 फरवरी 2005 गुजरात हाई कोर्ट ने आर्डर दिया है कि सरकार और प्रशासन जैन अनुयायियों व हर एक दर्शनार्थी को सुरक्षित दर्शन प्रदान करे और सीसीटीवी आदि की व्यवस्था करे व चौथी और पांचवी टोंक के बीच में चेक पोस्ट की व्यवस्था करे। संगठन ने अपील की है कि गुजरात हाई कोर्ट के आर्डर का जल्द से जल्द पालन हो और तीर्थ पर हुए कब्जे को हटाकर पूर्व की स्थिति बहाल हो।

इसी के साथ उदयगिरि खंडगिरि की प्राचीन जैन गुफाएं जो उड़ीसा राज्य में स्थित है व मंदार गिरी का पर्वत बिहार में जो जैनों का एक सर्वोच्च तीर्थ है और अंजनेरी की गुफाएं जो महाराष्ट्र में स्थित हैं वहां पर भी अतिक्रमण मुक्त करने में सरकार और प्रशासन कार्य करे। साथ ही पांच अन्य संस्थाओं ने समर्थन पत्र दिए, जिसमें हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन भी एक है।

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