महावीर जैन धर्म में वर्तमान अवसर्पिणी काल के 24वें तीर्थंकर है। उन्होंने इस संसार को न केवल मुक्ति का संदेश दिया, अपितु इसके लिए सरल और सच्ची राह भी बताई। भगवान महावीर ने आत्मिक और शाश्वत सुख की प्राप्ति के लिए पांच सिद्धांत हमें बताए : सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्य। उन्होंने ईसापूर्व 527 को 72 वर्ष की आयु में बिहार के पावापुरी (राजगीर) में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। इस वर्ष भगवान का 2550वां निर्वाण महोत्सव मनाया जा रहा है। इस विशेष मौके पर आप जानिए उनका संपूर्ण जीवन परिचय….

इंदौर। दिगम्बर जैन समाज महावीर निर्वाण उपलक्ष में ही दिवाली मनाता है। कार्तिक अमावस की प्रात: भगवान का निर्वाण हुआ एवं इसी दिन सायं उनके प्रथम गणधर गौतम स्वामी को कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के इतिहास पुस्तक में लिखा है कि देश में दिवाली मनाने की परम्परा महावीर निर्वाण के उपलक्ष्य में प्रारम्भ हुई। जैन धर्म में मुक्ति और ज्ञान को सबसे बड़ी लक्ष्मी माना जाता है। दीपावली के प्रकाश में प्रतिवर्ष भगवान महावीर के निर्वाण (मोक्ष) लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। दीपावली के इस मौके पर भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन परिचय आप भी जानें।
तीर्थंकर वर्धमान
• नाम – भगवान महावीर स्वामी (वीर, अतिवीर, वर्धमान, सन्मति)
• पूर्व भव स्थान – पुष्पोत्तर
• वर्तमान जन्म नगरी – कुण्डग्राम
• चिह्न – सिंह
• यक्ष – मातंग
• यक्षिणी – सिद्धायिका
• वर्तमान में पिता – सिद्धार्थ
• वर्तमान माता – त्रिशला
• वंश – इक्ष्वाकु
• गर्भ कल्याणक- आषाढ़ शुक्ल छठ
• जन्म कल्याणक- चैत्र शुक्ल त्रयोदशी
• ऊंचाई – 7 हाथ
• वर्ण – स्वर्ण
• वैराग्य कारण – जातिस्मरण
• दीक्षा कल्याणक – मंगसिर कृष्ण दशमी
• केवलज्ञान कल्याणक – वैशाख शुक्ला दशमी
• समवशरण – 1 योजन
• मोक्ष कल्याणक – कार्तिक कृष्ण अमावस्या
• मोक्ष स्थान – पावापुरी
• गणधर संख्या – 11
• मुख्य गणधर – इंद्रभूति गौतम (गौतम गणधर)
• आर्यिका संख्या – 36000
• मुख्य आर्यिका – चंदनबाला
• आयु – 72 वर्ष
• मुख्य श्रोता – श्रेणिक बिम्बसार

श्रीफल दीपावली उत्सव के पहले पार्ट यहां पढ़ सकते है ।
पार्ट – 1
पार्ट – 2
श्रीफल दीपावली उत्सव पार्ट -2 इस दीपावली करें महावीर बनने का संकल्प
पार्ट – 3
श्रीफल दीपावली उत्सव पार्ट -3 रूढ़ियों, कुरीतियों और भ्रम से निकलें, अंतःकरण प्रकाशित करें
पार्ट –4
पार्ट – 5













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