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सोने चांदी के छत्र, अष्ट प्रातिहार्य और दो दान पेटी ले भागे बदमाश : बकस्वाहा के बड़े जैन मंदिर से हुई लाखों रुपए की चोरी


यहां के सात सौ वर्ष प्राचीन श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में चोर बीते 24-25 जून की दरम्यानी रात मुख्य दरवाजे चैनल के कुंदा-ताले काट तोड़कर सोने-चांदी के सात नग छत्र, चांदी के अष्ट प्रातिहार्य वजनी करीब 3 किलो, करीब दो लाख रुपये से अधिक की कीमती सामग्री तथा वहां रखे दो गुप्त भंडार (दान पेटी) मय दानराशि करीब 40- 50 हजार रुपये से अधिक लेकर भाग गए। पढ़िए राजेश रागी/रत्नेश जैन की रिपोर्ट…


बकस्वाहा (छतरपुर)। यहां के सात सौ वर्ष प्राचीन श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में चोर बीते 24-25 जून की दरम्यानी रात मुख्य दरवाजे चैनल के कुंदा-ताले काट तोड़कर सोने-चांदी के सात नग छत्र, चांदी के अष्ट प्रातिहार्य वजनी करीब 3 किलो, करीब दो लाख रुपये से अधिक की कीमती सामग्री तथा वहां रखे दो गुप्त भंडार (दान पेटी) मय दानराशि करीब 40- 50 हजार रुपये से अधिक लेकर भाग गए।

 समाज में आक्रोश

रविवार के प्रात: 5.30 बजे मंदिर का माली रोज की भांति मंदिर खोलने पहुंचा तो दरवाजे और चैनल के ताले टूटे हुए देख दंग रह गया और तुरन्त समाज को खबर दी। खबर मिलते ही समाज के लोग एकत्रित हो गए और तुरंत पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर कार्यवाही की मांग की। मंदिर अध्यक्ष मुलायम चंद्र फट्टा की रिपोर्ट पर बकस्वाहा पुलिस ने आईपीसी की धारा 457, 380 के तहत मामला पंजीबद्ध कर डाग स्क्वायड, एफएसएल टीम के साथ विवेचना प्रारम्भ कर दी है। घटना के संबंध में बताया कि बदमाशों ने मंदिर के मुख्य द्वार का चैनल दरवाजा तथा गर्भालय परिक्रमा के दरवाजे के कुंदा-ताले काटकर मंदिर के अंदर घुसकर मूलनायक भगवान मुनिसुव्रतनाथ के सिर के ऊपर लगा सोने-चांदी की 3 छत्रों का सेट तथा वेदी पर ही लगे चांदी के 3 छत्रों का सेट तथा एक अलग छत्र कुल सात छत्र तथा चांदी के आठों अष्ट प्रातिहार्य वजनी करीब तीन किलो, दो लाख रुपये से अधिक कीमती, इसके अलावा दो दान पेटी (गुप्त भंडार) मय दान राशि करीब 40 – 50 हजार रुपये सहित लेकर भाग गए। बदमाशों ने दोनों पेटियों को मंदिर के करीब 500 मीटर की दूरी पर एक खेत के पास ले जाकर उसके ताले काटकर नगदी दान राशि निकाल लिए जबकि इन दान पत्रों में रखी करीब ढाई तीन हजार रुपये की चिल्लर व दोनों पेटी वहीं पर छोड़ कर चंपत हो गए।

पुलिस-प्रशासन मूक दर्शक

इस घटना के साथ ही अल्पसंख्यक जैन समुदाय के धर्मायतनों पर आये दिन इस तरह की घटनायें होने पर क्षेत्र मे तीव्र असंतोष व्याप्त हैं । पिछले वर्ष इसी मंदिर से कलश चोरी की घटना तथा समीपस्थ बम्हौरी, दलपतपुर के साथ ही जैन तीर्थ नैनागिरि, द्रोणगिरि मे भी गम्भीर घटना लाखों की सम्पत्ति चोरी होने के बाद भी पुलिस व प्रशासन का मूकदर्शक होना आश्चर्य का विषय है।

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