श्री दिगम्बर जैन विद्यालय परिसर में संत शिरोमणी आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 निर्वेग सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 शीतल सागर जी महाराज एवं ऐलक श्री 105 निजानंद सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। पूज्य गुरुदेव ने कक्षा 3 से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों को संबोधित किया। पढ़िए राजकुमार अजमेरा और नवीन जैन की रिपोर्ट…
झुमरीतिलैया। श्री दिगम्बर जैन विद्यालय परिसर में संत शिरोमणी आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 निर्वेग सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 शीतल सागर जी महाराज एवं ऐलक श्री 105 निजानंद सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। पूज्य गुरुदेव ने कक्षा 3 से लेकर कक्षा 10 तक के बच्चों को संबोधित किया। महाराज श्री ने छात्रों को याद करने के तरीके बताए। इसके साथ महात्मा गांधी एवं प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द प्रसाद एवं संविधान निर्माता डॉ. अबेडकर के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनकी अच्छाई बताई। मुनि श्री ने कहा कि छात्र यदि सुबह 4 बजे से 6 बजे तक एवं रात 8 से 10 बजे तक पढ़ाई करते हैं तो निश्चित तौर पर टॉपर बन सकते हैं।

महाराज श्री के आने से सभी छात्र उत्सुक एवं हर्षित थे। समाज के 50 लोगों ने प्रवचन का लाभ लिया। इस मौके पर विद्यालय के संयोजक सुनील छाबड़ा, संदीप सेठी, नवीन सेठी, रीता सेठी, मंत्री ललित सेठी, उपाध्यक्ष कमल सेठी, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र काला, सुबोध गंगवाल, आशा गंगवाल, रानी छाबड़ा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंगलाचारण विद्यालय की छोटी-छोटी बच्चियों ने किया। मंच संचालन पं. अभिषेक शास्त्री नें किया।













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