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गोमटगिरी तीर्थ को लेकर होगी बैठक: तीर्थ की रक्षा के लिए आगे आएं – डॉ. जैनेन्द्र जैन


गोमटगिरी तीर्थ की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर के मंत्री डॉ. जैनेंद्र जैन ने किया है। उन्होंने कहा कि यह बात मेरी समझ से परे है कि जब भी गोमटगिरी तीर्थ के स्वामित्व वाले भू भाग पर गोमटगिरी ट्रस्ट द्वारा तीर्थ की सुरक्षा, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए कोई निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो जैनेतर समाज के भाई विवाद, विरोध एवं निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न करने क्यों तत्पर रहते हैं? पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…


इंदौर। गोमटगिरी तीर्थ की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर के मंत्री डॉ. जैनेंद्र जैन ने किया है। उन्होंने कहा कि यह बात मेरी समझ से परे है कि जब भी गोमटगिरी तीर्थ के स्वामित्व वाले भू भाग पर गोमटगिरी ट्रस्ट द्वारा तीर्थ की सुरक्षा, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए कोई निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो जैनेतर समाज के भाई विवाद, विरोध एवं निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न करने क्यों तत्पर रहते हैं?

अखबारों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से विदित हुआ कि हाल ही में गोमटगिरी तीर्थ की सुरक्षा के लिए गोमटगिरी ट्रस्ट द्वारा अपनी ही जमीन पर निर्मित की जा रही बाउंड्री वॉल के निर्माण के समय जैनेतर बंधु विवाद, विरोध करने आ गए और निर्माण कार्य रुक गया। पूर्व में भी बाउंड्री वॉल के निर्माण के समय जैनेतर समाज द्वारा विवाद किया जाता रहा है जो शांतिप्रिय, अहिंसक जैन समाज के अनुयायियों के लिए चिंताजनक है।

जैन समाज को मात देने का खेल बंद करें

चर्चा है कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य रुकवाने के लिए जैनेतर समाज को शह और सहयोग से यह खेला हो रहा है। प्रशासन के अधिकारियों और भाजपा के नेताओं को यह स्मरण होना चाहिए कि जैन समाज एक शांतिप्रिय और अहिंसा में विश्वास रखने वाला समाज है और समाज का अधिसंख्यक वर्ग भी भाजपा का समर्थक और सहयोगी रहता है इसलिए जैनेतर समाज को शह और जैन समाज को मात देने का यह खेला बंद किया जाए और शांतिप्रिय अहिंसक जैन समाज की भावनाओं को आहत और तीर्थ क्षेत्र पर अनावश्यक हस्तक्षेप एवं अतिक्रमण करने का प्रयास रोका जाए। यह समय की मांग है और इसी में भाजपा ,जैन समाज और जैनेतर समाज की भलाई है।
हम सब की भावना है कि गोमटगिरी के विवाद को विराम देने के लिए भगवान बाहुबली के आंगन में एवं प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों को बैठकर शांतिपूर्ण एवं सद्भावना पूर्ण वातावरण में विवाद को स्थाई रूप से हल कर लिया जाना चाहिए।

तीर्थ हमारी धरोहर, उनका संरक्षण करें
समग्र जैन समाज से भी मेरा आग्रह है कि तीर्थ नए हों या पुरातन वे हमारे धर्म, समाज और संस्कृति की धरोहर होते हैं, उनकी रक्षा एवं संरक्षण करना हम सब का कर्तव्य है लेकिन हम देखते हैं कि आज गोमटगिरी सहित हमारे अनेक तीर्थो के प्रति हमारी उपेक्षा और निष्क्रियता के कारण तीर्थ विवादित होते जा रहे हैं और वर्ग विशेष के द्वारा उनका अतिक्रमण किए जाने का प्रयास भी किया जा रहा है इसलिए हम सब का कर्तव्य है कि हम हमारे धर्म, हमारी संस्कृति और तीर्थों की रक्षा संरक्षण एवं उनके विकास के लिए गुट और पंथों से मुक्त होकर आगे आएं और एकता का परिचय दें ताकि तीर्थ के रूप में हम हमारी ऐतिहासिक विरासत भावी पीढ़ी को सुरक्षित एवं मूल स्वरूप में सोंप सकें।

अपना उत्तरदायित्व निभाएं

उन्होंने कहा कि मैं गोमटगिरी तीर्थ पर रविवार को आहूत मीटिंग की निर्विवाद सफलता की कामना करते हुए समग्र जैन समाज जनों से अनुरोध करता हूं कि बैठक में आप अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर तीर्थ की रक्षा के प्रति अपना उत्तरदायित्व निभाए एवं एकता का परिचय दें। मेरा सुझाव है कि इस प्रकरण के संबंध में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर उसे कमिश्नर के माध्यम से उन तक पहुंचाने के लिए राजवाड़े से कमिश्नर कार्यालय तक मौन रैली निकाली जाए एवं वहां जाकर कमिश्नर महोदय को ज्ञापन दिया जाए।

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