अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्री पार्श्वनाथ बड़ा जैन मंदिर में सुबह साढ़े छह बजे भव्य पंचामृत अभिषेक व सामूहिक पूजन किया जाएगा। उसके बाद साढ़े सात बजे से भगवान आदिनाथ मण्डल विधान रचा जाएगा। पढ़िए सन्मति जैन काका की रिपोर्ट…
सनावद। अक्षय तृतीया जैन धर्मावलम्बियों का महान धार्मिक पर्व है। इस दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान ने एक वर्ष की पूर्ण तपस्या करने के पश्चात इक्षु (गन्ने) रस से आहार किया था। राजा श्रेयांस ने भगवान आदिनाथ को आहारदान देकर अक्षय पुण्य प्राप्त किया था, अतः यह तिथि अक्षय तृतीया के रूप में मानी जाती है।
सन्मति जैन काका ने बताया 22 अप्रैल शनिवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्री पार्श्वनाथ बड़ा जैन मंदिर में सुबह साढ़े छह बजे भव्य पंचामृत अभिषेक व सामूहिक पूजन किया जाएगा। उसके बाद साढ़े सात बजे से भगवान आदिनाथ मण्डल विधान रचा जाएगा। वहीं अगली कड़ी में शाम को भक्ति व शास्त्र प्रवचन किए जाएंगे।













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