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जानकारी का है अभाव : समाजजन नहीं ले पा रहे अल्पसंख्यक वर्ग के लिए बने कानूनों का लाभ


आज भी अल्पसंख्यक कानूनों के विषय में समाज में जानकारियों का अभाव है। इसके कारण कई प्रावधानों के लाभ समाज जन नहीं ले पाते हैं। समाज जन को इसके बारे में जानकारी होनी जरूरी है। 


इंदौर। भारत की सभ्यता और संस्कृति नए दौर में है एवं संक्रमण काल से गुजर रही है। भारत जैसे देश में जहां की विशेषता की अनेकता में एकता है, वहां इस संस्कृति को बचाने के लिए सभी वर्गों को साथ मिलकर काम करना होगा। अल्पसंख्यक वर्ग के लिए भारत सरकार द्वारा कई तरह के प्रावधान किए गए हैं, जिनसे वे अपनी संस्कृति, भाषा, सभ्यता और स्मारकों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए आगे आ सकते हैं।

यह बात जैन समाज की शीर्ष राष्ट्रीय संस्थाओं में पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता हंसमुख गांधी, रजनीकांत गांधी परिवार द्वारा, निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में कही गई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अल्पसंख्यकों के लिए बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है। आपको चाहिए कि आप इस अवसर का फायदा उठाएं। उन्होंने कहा कि आज भी अल्पसंख्यक कानूनों के विषय में समाज में जानकारियों का अभाव है। इसके कारण कई प्रावधानों के लाभ समाज जन नहीं ले पाते हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इंदौर आए।

उनके माध्यम से समाज जन को कई जानकारियां प्राप्त हुई हैं, जो काफी लाभदायक सिद्ध होंगी। कार्यक्रम के दौरान जैन समाज की सभी संस्थाओं द्वारा एनके जैन अध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार का स्वागत किया गया। समाज के संजीव जैन संजीवनी ने बताया कि इस अवसर पर पूर्व न्यायाधीश जेके जैन, दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सोनी, महामंत्री सुशील पंड्या, कार्याध्यक्ष दिलीप पाटनी, मंत्री डॉ. जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के बाहुबली पांड्या, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन की परम संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल, पूर्व अध्यक्ष कमलेश कासलीवाल, टी के वेद, हेमचंद्र झांझरी, विमल अजमेरा, दिनेश दोशी, होलास सोनी, सुमित लुहाड़िया, रितेश पाटनी, अर्पित जैन, संजय अहिंसा, आरके जैन, कमलेश सोजतिया, प्रकाश भटेवरा, प्रदीप बड़जात्या, वितुल अजमेरा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अनुपम जैन ने किया। आभार हंसमुख गांधी ने व्यक्त किया।

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