श्रीमहावीरजी महामस्तकाभिषेक समाचार

27 औषधि मिले जल से होगा अभिषेक, यह भगवान को जाग्रत करने की प्रक्रिया, 12 या 24 साल में होती है

श्रीमहावीर जी। श्रीमहावीर जी में प्रदेश के सबसे बड़े जैन मंदिर में 24 साल बाद हो रहे महामस्तकाभिषेक की शुरुआत रविवार को होगी। महामस्तकाभिषेक का साधारण सा मतलब है…देशभर में वे चमत्कारिक मूर्तियां, जिनका 12 या 24 साल में एक बार चोटी से लेकर चरण तक अभिषेक किया जाए। यहां करीब 700 साल पहले जमीन से निकली महावीर स्वामी की प्रतिमा का 24 साल बाद महामस्तकाभिषेक महो रहा है।

प्रतिष्ठाचार्य धरियावद निवासी संहितासुरी हंसमुख जैन ने बताया कि 27 नवंबर से 4 दिसंबर तक मंत्रों के उच्चारण के साथ महावीर की प्रतिमा का चोटी से चरण तक का अभिषेक किया जाएगा। बावड़ी या के जल को मंत्रों से 14 महानदियों की संज्ञा दी जाएगी। इसमें 27 औषधियों का चूर्ण जल में मिलाएंगे और इसी जल से महावीर स्वामी का 4 दिसंबर तक प्रतिदिन अभिषेक चलेगा। पहले दिन रविवार को दोपहर सवा बारह बजे से दोपहर तीन बजे तक तथा 28 से 4 दिसंबर तक सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक अभिषेक होगा।

 

स्वर्ण कलश से चढ़ाएंगे जल

जल में ये 27 औषधियां मिलाएंगे – केसर, कर्पूर, लौंगे, इलायची, जावित्री, जायफल, कंकोल, हरिद्रा, अगर, अष्टगंध, लाल चंदन, श्वेत चंदन, मलयागिरी चंदन, कालागुरु, दर्भ, खस, नागर मोथा, सफेद सरसों, कचोरा, आंबी हल्दी, कृष्णागुरु, प्रियंगु पद्मकाष्ठ, पीली सरसों, तीर्थ मिट्टी, जटामासी, कोष्ठ कुलंजन।

 

प्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जैन बताते हैं कि 27 औषधियों वाले जल से अभिषेक के पीछे क कल्याण की भावना जुड़ी है। बीजाक्षर मंत्र में देश में आतंक उदय, कपट, अनाचार अविश्वास राजा प्रजा का दुख निरोग खत्म करने के साथ खुशहाली, प्रेम और भाईचारा बढ़ाने की कामना की जाती है।

रत्न, स्वर्ण कलश से होंगे अभिषेक-
प्रतिमा का अभिषेक रत्न और स्वर्ण कलश से होगा। ये कलश 10 दो सौ से दाई सौ ग्राम वजनी है। 8 कलश से पहले दिन 108 बार कलश से जल चाएंगे। सवा दो फीट की मूर्ति है। 28 से 4 दिसंबर तक 900 कलशों से अभिषेक होगा। इस दौरान 1 हजार 8 कलश से अभिषेक किया जाएगा।

पंचकल्याणक महोत्सव – 24 नवंबर से चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव में गर्भ जन्मकल्याणक, तप कल्याणक, दीक्षा कल्याणक, केवलज्ञान कल्याणक, मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। शनिवार को तप महोत्सव हुुआ। नाटक में भगवान की लीलाएं दिखाई जाती हैं।

 

देशभर के 11 पंडित करेंगे मंत्रोच्चार – मंत्रोच्चार के लिए देशभर के 11 पंडित बुलाए गए हैं। इनमें कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, पूर्वांचल से क्रमशः दो-दो, दिल्ली, उत्तरप्रदेश निवासी एक-एक विद्वान शामिल हैं। महामस्तकाभिषेक दिगंबर जैन आचार्य वर्धमानसागर के सान्निध्य में होगा।

साभार – दैनिक भास्कर

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