ललितपुर. राजीव सिंघई । श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर, ललितपुर में धर्मसभा को सम्बधित करते हुए मुनि सुधासागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति अच्छा सोचना चाहता है लेकिन नहीं सोच पाता। ऐसा ही व्यक्ति अच्छा बनना चाहता लेकिन उस दिशा में आगे नहीं बढ पाता। धर्म जीवन में स्वच्छन्दता को नकारता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने दिया, जो कुछ है देखने के लिए है, जो देखने लायक नहीं है, उसे छिपकर देख रहे हो आखिर किस लिए। मुनि श्री ने श्रावकों को प्रेरणा दी कि जीवन में अच्छा सोचोगे और बुराइयों से दूर रहोगे, आत्मिक शान्ति मिलेगी।
मुनि श्री ने कहा धर्म ही जीवन में श्रेष्ठ है, इसको समझो और अपने जीवन में उतारो। यह नर जन्म मिला है, जिसको सार्थक करो इसी में कल्याण है। प्रातःकाल मूलनायक अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ पर मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान का अभिषेक भक्तजनों ने किया। इसके उपरान्त मुनि सुधासागर महाराज के मुखारविन्द शान्तिधारा पुण्र्याजक परिवार द्वारा हुई। तदुपरान्त धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण के साथ श्रेष्ठीजनों ने किया तथा महिला मण्डल ने मुनि श्री को शास्त्र भेंट का पुण्र्याजन किया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया ने किया।
मंगलवार को निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज को आहारदान का सौभाग्य ब्र. सविता-दीपक कुमार जैन, गांधीनगर परिवार एवं मुनि पूज्य सागर महाराज को आहारदान सुरेश चंद जैन स्वतंत्र इमलिया परिवार को मिला। सायंकाल जिज्ञासा समाधान के लिए श्रावक मुनि श्री सुधासागर महाराज के सम्मुख अपनी जिज्ञासाएं कीं। इसके उपरान्त गुरु भक्ति एवं संगीतमय आरती पुर्ण्याजक परिवार के साथ श्रद्धालु कर लाभान्वित हो रहे हैं।
मुनि श्री एवं संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के प्रवास से इन दिनों अभिनंदनोदय तीर्थ में अपूर्व धर्म प्रभावना हो रही है। चातुर्मास की व्यवस्थाओं को दिगम्बर जैन पंचायत सहित स्व्यंसेवी संस्थाए आचार्य विद्यासागर व्यायामशाला, वीर व्यायाम शाला, स्याद्वाद वर्द्धमान सेवा संघ, वीर क्लब, जैन मिलन, महिला मण्डल आदि सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।












