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आचार्य विद्यासागर महाराज की आज्ञा से उमा भारती करेंगी परिजनों का त्याग

आचार्य विद्यासागर महाराज की आज्ञा से उमा भारती करेंगी परिजनों का त्याग

भोपाल. राजेश जैन दद्दू । भाजपा नेता उमा भारती ने बड़ा ऐलान किया है। पूर्व सीएम ने सोशल मीडिया के जरिए अपने परिवार के त्याग करने की घोषणा कर दी है। उमा भारती का कहना है कि अब उनका अपने परिवार से कोई नाता नहीं है, अभी तक लोग उन्हें दीदी कहते थे, लेकिन अब वह सारे विश्व समुदाय की दीदी मां कहलाएंगी, क्योंकि उनका अपने परिवार से कोई निजी संबंध नहीं रहेगा। सारा संसार ही उनका परिवार होगा।

उन्होंने कहा कि जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज ने मुझे सभी व्यक्तिगत संबंधों और नामों को त्यागने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा है मुझे केवल दीदी मां कहकर भारत के सभी नागरिकों को अपने भारती को अर्थपूर्ण बनाने के लिए अपनाना चाहिए। उमा भारती ने ट्वीट में लिखा कि पूरा विश्व समुदाय मेरा परिवार होना चाहिए।

अब छोड़ा परिवार भी  

उमा भारती को संन्यास लिए हुए 30 साल से भी ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन उनका परिवार से संबंध बना रहा था। संन्यास के बाद से ही लोग उन्हें दीदी कहकर बुलाते थे, लेकिन अब उमा भारती अपने परिवार को पूरी तरह से त्यागने जा रही है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि वह 17 नवंबर को सागर में सार्वजनिक तौर मुनिजनों के सामने माइक से घोषणा करके परिवार से पूरी तरह से मुक्त हो जाएंगी। इसके बाद उनका निजी कोई परिवार नहीं होगा।

 

8 दिसंबर को अमरकंटक पहुंचेगी उमा भारती 

उमा भारती ने कहा कि वह 8 दिसंबर को अमरकंटक पहुंचेगी और क्योंकि अमरकंटक में ही उन्होंने 17 नवंबर 1992 को संन्यास की घोषणा की थी, इसलिए यहीं से वह आगे बढ़ेगी। बता दें कि उमा भारती ने कर्नाटक के कृष्ण भक्ति संप्रदाय के उड़पी कृष्ण मठ के पेजावर मठ के मठाधीश से दीक्षा ली थी। दो साल पहले 96 साल की उम्र में उन्होंने अपनी देह त्याग दी थी।

उमा भारती ने बताया कि संयोग से जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज भी कर्नाटक के हैं। अब वही मेरे लिए गुरु हैं। उन्होंने मुझे आज्ञा दी है कि समस्त निजी संबंधों व संबोधनों का परित्याग करके मैं मात्र ‘दीदी मां’ कहलाऊं व अपने भारती नाम को सार्थक करने के लिए भारत के सभी नागरिकों को अंगीकार करूं।

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