भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा घाटोल से मंगल विहार करते हुए बांसवाड़ा पहुंची, जहां शहरभर में भव्य स्वागत, श्रीफल अर्पण और मंगल गीतों के बीच शोभायात्रा निकाली गई। 12 जुलाई को सुखोदय तीर्थ में प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।
बांसवाड़ा। भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा शुक्रवार को घाटोल से मंगल विहार करते हुए बांसवाड़ा नगर पहुंची। नगरवासियों ने विभिन्न स्थानों पर श्रीफल अर्पित कर एवं तिलक संस्कार के साथ भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा एसपी चौराहा, कलेक्ट्री चौराहा, कस्टम चौराहा, कमर्शियल कॉलोनी, बाहुबली कॉलोनी और खांदू कॉलोनी होते हुए विरोदय तीर्थ पहुंची।
भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम
शोभायात्रा में बैंड-बाजे, डीजे और भगवान के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। केसरिया वस्त्रों में महिलाएं, सफेद परिधान में पुरुष तथा मंगल कलश लिए बालिकाएं शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने अतिथि सत्कार एवं अल्पाहार की व्यवस्था भी की।
विरोदय तीर्थ में सांस्कृतिक कार्यक्रम
विरोदय तीर्थ में प्रतिमा के रात्रि विश्राम के साथ भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। 11 जुलाई को प्रतिमा का मंगल विहार बड़ोदिया, कलिंजरा और बागीदौरा के लिए होगा, जहां समाजजन स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं।
12 जुलाई को होगा प्रतिष्ठा महोत्सव
12 जुलाई को सुखोदय तीर्थ, नसिया जी में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के निर्देशन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा मूल वेदी पर विराजमान कराई जाएगी। आयोजन के लिए तीर्थ क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं आवास की विशेष व्यवस्था की गई है।
108 फीट ऊंचाई पर रहेगा विशेष आकर्षण
नवयुवक मंडल अध्यक्ष एवं समाज अध्यक्ष विपुल पंचोरी ने बताया कि विशेष क्रेन के माध्यम से भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा को 108 फीट ऊंचाई पर 9 मिनट तक स्थिर रखा जाएगा। इस दौरान प्रतिमा चारों दिशाओं की ओर विराजमान होकर विश्व कल्याण एवं सुख-समृद्धि का संदेश देगी। संपूर्ण कार्यक्रम का ड्रोन प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर भी दिखाया जाएगा।
धार्मिक उल्लास से सजा नौगामा
नौगामा नगर को तोरण द्वारों, पंचरंगी धर्मध्वजाओं एवं आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। मंदिरों में मंगल गीतों का आयोजन हो रहा है तथा अनुमानित 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।













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