रेशंदीगिरि नैनागिरि जैन तीर्थ में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के विरोध में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सागर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। पुलिस महानिरीक्षक ने तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया। पढ़िए श्रीफल साथी रत्नेश जैन रागी की यह रिपोर्ट।
सागर। छतरपुर जिले के बकस्वाहा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध रेशंदीगिरि नैनागिरि जैन तीर्थ में हुई चोरी की घटनाओं को लेकर शुक्रवार, 10 जुलाई को विभिन्न राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं क्षेत्रीय संगठनों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सागर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथलेश कुमार शुक्ला से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।
चोरी की घटनाओं पर जताई चिंता
ज्ञापन में 6-7 जुलाई की रात्रि महावीर सरोवर स्थित समवशरण जिनालय मंदिर का दानपात्र काटकर दानराशि चोरी किए जाने की घटना सहित पूर्व में हुई अन्य चोरी की वारदातों का उल्लेख करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की गई।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष पुलिस दल गठित कर सभी मामलों की प्रभावी जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, नैनागिरि तीर्थ की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, नैनागिरि पुलिस चौकी को थाना में उन्नत करने तथा पर्याप्त पुलिस बल की स्थायी तैनाती की मांग की।
पुलिस महानिरीक्षक ने दिया आश्वासन
पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथलेश कुमार शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक से जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दो आरक्षकों की तत्काल तैनाती, चोरी की घटनाओं के शीघ्र खुलासे तथा सुरक्षा संबंधी मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने वालों में संतोष घड़ी, संतोष बैटरी, पूर्व विधायक सुनील जैन, महेश विलहरा, मुकेश ढाना, संदीप बहेरिया, देवेन्द्र लुहारी, जयकुमार, राजकुमार पडेले, संजय शास्त्री, पंकज सिंघई, अशोक पिडरुवा, सुनील पड़वार, एडवोकेट अशोक फुसकेले, एडवोकेट श्रेणिक जैन, रमेश सेठ, इंजीनियर प्रासुक, इंजीनियर सजल, इंजीनियर अंशुल, अमित चौधरी, रविकांत, अंकुर, विपिन, भरत बकस्वाहा, प्रदीप, विशेष लुहारी, अरविन्द कोठा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
तीर्थ सुरक्षा को लेकर समाज की अपेक्षा
प्रतिनिधियों ने कहा कि नैनागिरि जैसे ऐतिहासिक एवं आस्था के केंद्र तीर्थ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।













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