आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया। आचार्यश्री ने आत्मकल्याण, संयम और सदाचार को जीवन का आधार बताया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
आगरा। जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, टीचर्स कॉलोनी में विराजमान आचार्यश्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ससंघ के मंगल प्रवचनों का सोमवार को भव्य आयोजन हुआ। प्रातः 8 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मोपदेश का लाभ प्राप्त किया।
आत्मकल्याण का दिया संदेश
अपने प्रेरणादायी प्रवचनों में आचार्यश्री ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण, संयम और सदाचार का पालन करना है। उन्होंने बताया कि धर्म केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने विचार, व्यवहार और आचरण को पवित्र बनाना ही सच्ची धर्म साधना है।
अहिंसा, क्षमा और त्याग पर दिया बल
आचार्यश्री ने श्रद्धालुओं को अहिंसा, क्षमा, त्याग एवं आत्मचिंतन को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि इन्हीं गुणों से व्यक्ति का जीवन सुखी, शांत और सार्थक बनता है। उन्होंने सभी से धर्म को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
भक्तिमय रहा मंदिर परिसर
मंगल प्रवचन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री के श्रीचरणों में विनयपूर्वक श्रद्धा अर्पित कर उनके मंगल आशीर्वचन ग्रहण किए।
समाजजनों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति, जयपुर हाउस के पदाधिकारियों के साथ सकल दिगंबर जैन समाज के अनेक वरिष्ठजन, महिला-पुरुष एवं युवा श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।













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