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टीएमयू में भक्ति और आध्यात्म का अनुपम संगम : आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा की उपस्थिति में भजनों से गूंजी यूनिवर्सिटी  


तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में शनिवार को आयोजित श्रीकृष्ण भक्ति संध्या श्रद्धा, संगीत और आध्यात्म का भव्य उत्सव बन गई।कार्यक्रम में श्रीकृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत भजनों ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्याम सुंदर भाटिया की रिपोर्ट…


मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में शनिवार को आयोजित श्रीकृष्ण भक्ति संध्या श्रद्धा, संगीत और आध्यात्म का भव्य उत्सव बन गई। पावन चिंतन धारा आश्रम के संस्थापक डॉ. पवन सिन्हा ‘गुरुजी’, की गरिमामयी उपस्थिति में इस विशेष कार्यक्रम में श्रीकृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत भजनों ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन ने आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा और बतौर विशिष्ट अतिथि डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया का भारतीय परंपरा के अनुरूप पटका एवं पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। स्वागत समारोह के दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस समित गोपाल अपनी धर्मपत्नी सहित कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए। इस मौके पर टीएमयू के वाइस चेयरमैन मनीष जैन आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में पावन चिंतन धारा आश्रम की विचारधारा, आध्यात्मिक उद्देश्यों और सामाजिक सरोकारों पर आधारित एक प्रेरणादायी डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।

भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध 

भक्ति संध्या का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित अत्यंत लोकप्रिय भजन श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी से हुआ। जैसे ही भजन की मधुर स्वर लहरियां सभागार में गूंजीं। पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। सुप्रसिद्ध भजन गायक डॉ. संजय अंदुरकर, करण मल्होत्रा, ख्याति मेहरा और आस्तिक सिन्हा ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। एक के बाद एक प्रस्तुत किए गए श्रीकृष्ण भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन दिखाई दिए।

आध्यात्म और सांस्कृतिक मूल्यों का यह संगम

महिमा वाचक सुरभि दीदी ने भी अपनी आध्यात्मिक प्रस्तुति के माध्यम से श्रीकृष्ण भक्ति की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। इस प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ते हुए भक्ति के महत्व का संदेश दिया। सभागार में भक्ति, श्रद्धा और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। संगीत, आध्यात्म और सांस्कृतिक मूल्यों का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। अनेक श्रद्धालु भजनों के साथ भावविभोर होकर श्रीकृष्ण नाम का संकीर्तन करते दिखाई दिए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

जीवन मूल्यों के संरक्षण में यूनिवर्सिटी की सराहना

अपने संबोधन में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने सत्य, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आध्यात्मिकता व्यक्ति को जीवन में सही दिशा प्रदान करती है और सफलता का सशक्त आधार बनती है। वहीं आध्यात्मिक गुरु डॉ. पवन सिन्हा ‘गुरुजी’ ने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की संस्कारनिष्ठ, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा व्यवस्था, अनुशासित वातावरण एवम् भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षण के प्रति यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना की।

यह उपस्थित रहे

कार्यक्रम का समापन सामूहिक भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण के बीच हुआ। कार्यक्रम में अभिषेक कपूर, प्रो. एसके जैन, प्रो. एनके सिंह, प्रो. हरवंश दीक्षित, प्रो. एमपी सिंह के अलावा प्रो. आरके द्विवेदी, प्रो. एसके सिंह, प्रो. मनु मिश्रा, नीलिमा जैन, डॉ. विनोद जैन, पावन चिंतन धारा आश्रम के रोहित केसरी, अनुयायी के संग- संग टीएमयू के स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। संचालन डॉ. माधव शर्मा और नेहा उन्नी ने किया।

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