अयोध्या धाम में आयोजित भगवान मुनिसुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। उन्होंने जैन तीर्थंकरों की अहिंसा, संयम और करुणा की परंपरा को विश्व मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए जैन समाज को शुभकामनाएं दीं। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट।
अयोध्या। श्री अयोध्या धाम में आयोजित भगवान मुनिसुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहभागिता कर जैन समाज को शुभकामनाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर देश की सर्वोच्च जैन साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी, पूज्य साधु-संतों एवं धर्माचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जैन दर्शन विश्व मानवता का मार्गदर्शक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जैन तीर्थंकरों ने अपनी तपस्या, साधना और पवित्र वाणी के माध्यम से सदैव विश्व को “जियो और जीने दो” का अमर संदेश दिया है। यह संदेश केवल जैन समाज के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी और प्रेरणादायी है।
भगवान ऋषभदेव की परंपरा को किया नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान ऋषभदेव की परंपरा भारतीय संस्कृति और अध्यात्म की अमूल्य धरोहर है। जैन धर्म के मूल सिद्धांत अहिंसा, संयम, आत्मानुशासन और करुणा आज भी विश्व को सही दिशा देने में सक्षम हैं। उन्होंने भगवान ऋषभदेव की महान परंपरा को कोटि-कोटि नमन करते हुए श्रद्धाभाव व्यक्त किया।
विश्व कल्याण की कामना
योगी आदित्यनाथ ने भगवान मुनिसुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की सफलता के लिए आयोजकों को बधाई दी तथा विश्व शांति, मानव कल्याण और समाज में सद्भावना की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन समाज को संस्कार, सदाचार और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
धर्माचार्यों की रही गरिमामयी उपस्थिति
महोत्सव में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के साथ अनेक साधु-संतों, धर्माचार्यों एवं देशभर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान मुनिसुव्रतनाथ के पंचकल्याणक महोत्सव में सहभागी बनकर धर्मलाभ प्राप्त किया।













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