जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने मानव समाज को व्यवस्थित जीवन जीने के लिए बहत्तर कलाओं का ज्ञान दिया। इन कलाओं में लेखन, संगीत, गणित, वास्तु, युद्ध, चिकित्सा और समाज व्यवस्था से जुड़े अनेक विषय शामिल हैं। संपादक रेखा जैन की विशेष प्रस्तुति
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