जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने मानव समाज को व्यवस्थित जीवन जीने के लिए बहत्तर कलाओं का ज्ञान दिया। इन कलाओं में लेखन, संगीत, गणित, वास्तु, युद्ध...
Tag - jain history
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ ज़िले में स्थित अतिशय तीर्थ क्षेत्र बंधा जी जैन धर्म का एक अत्यंत प्राचीन और चमत्कारिक स्थल माना जाता है। यहां भगवान अजितनाथ की लगभग 900...
टोंक में आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तक का विमोचन वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान...
आदर्श नगर टोंक में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पारसनाथ जिनालय में धर्मसभा में उपदेश दिया। उन्होंने भगवान की प्रतिमा को दर्पण के समान बताते हुए आत्मा की...
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में जैन परंपरा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित जैनालॉजी केंद्र का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने किया। इस अवसर...
बूँदी स्थित बघेरवाल छात्रावास के शांतिसागर सभा मंडपम् में 3 से 7 अक्टूबर तक प्रथमाचार्य श्री 108 शांति सागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी वर्ष के...
भोपाल (अवधपुरी) में जैन धर्म संघ पुणे से आए युवाओं ने मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज से शंकाओं का समाधान किया। उड़ीसा और अन्य क्षेत्रों में जैन धर्म के ऐतिहासिक...
22 सितंबर को प्राकृत भाषा और जैन संस्कृति के संरक्षक आचार्य विद्यानंद जी की पुण्यतिथि है। उन्होंने प्राकृत भाषा को राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाया, सरकार के अनुचित...
सहारनपुर में भावलिंगी संत आचार्य विमर्श सागर जी ससंघ के सान्निध्य में आचार्य विमलसागर जी की 111वीं जन्म जयंती और 11वें श्रुत सप्तमी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ।...








