तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की इंटरकॉलिजिएट स्पोर्ट्स चौंपियनशिप-2026 में 90 अंकों के संग टिमिट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन ने प्रथम स्थान प्राप्त करके चौंपियन ऑफ द चौंपियंस का खिताब अपने नाम किया। तीर्थंकर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर 52 अंकों के साथ द्वितीय और कॉलेज ऑफ सीसीएसआईटी 42 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहा। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर…
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की इंटरकॉलिजिएट स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप-2026 में 90 अंकों के साथ टिमिट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन ने प्रथम स्थान प्राप्त करके चैम्पियन ऑफ द चैम्पियंस का खिताब अपने नाम किया। तीर्थंकर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर 52 अंकों के साथ द्वितीय और कॉलेज ऑफ सीसीएसआईटी 42 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहा। फिजिकल एजुकेशन कॉलेज ने 11 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रांज मेडल्स अपनी झोली में किए। मेडिकल कॉलेज ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 5 ब्रांज मेडल्स, जबकि सीसीएसआईटी कॉलेज 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 5 ब्रांज मेडल्स अपने अपने किए। इसके अतिरिक्त कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने 25 अंक, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज़ ने 21 अंक, कॉलेज ऑफ फार्मेसी और कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट ने 16-16 अंक, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने 8 अंक, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन ने 4 अंक, कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी ने 3 अंक, डेंटल कॉलेज एंड आरसी और कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंस ने 1-1 अंक अर्जित किए। समापन सम्मान समारोह में वीसी प्रो. वीके जैन ने विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए। चैम्पियन ऑफ द चैम्पियंस ट्रॉफी फिजिकल एजुकेशन को प्रदान की गई, जबकि परंपरागत नियमानुसार ट्रॉफी का औपचारिक हस्तांतरण मेडिकल कॉलेज को किया गया। इस मौके पर डीन स्टुडेंट्स वेलफेयर प्रो. एमपी सिंह, मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल प्रो. प्रीथपालसिंह मटरेजा, फिजिकल एजुकेशन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मनु मिश्रा आदि की मौजूदगी रही।
खेल प्रतिस्पर्धा नहीं व्यक्ति निर्माण की प्रयोगशाला
प्रो. वीके जैन ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला है। खिलाड़ियों ने यह सिद्ध किया है कि अनुशासन, परिश्रम और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह केवल पदक जीतने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का मंच है। टीएमयू का उद्देश्य स्टुडेंट्स को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से भी सशक्त बनाना है। खेल हमें हार और जीत दोनों को स्वीकार करना सिखाते हैं। जो आज विजेता हैं, उन्हें विनम्र बने रहना चाहिए और जो पीछे रह गए हैं, उन्हें इसे प्रेरणा के रूप में लेकर और अधिक मेहनत करनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस चैम्पियनशिप में कुल 14 संकायों, कॉलेजों की टीमों ने क्रिकेट(महिला एवं पुरुष), फुटबॉल (पुरुष), वॉलीबॉल (पुरुष), बैडमिंटन, बास्केटबॉल (पुरुष एवं महिला), कैरम (पुरुष), कबड्डी (पुरुष एवं महिला), शतरंज (पुरुष एवं महिला), टेबल टेनिस (पुरुष एवं महिला), बेंच प्रेस और खो-खो (पुरुष एवं महिला) सहित विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लिया।













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