सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण महोत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान महावीर का निर्वाण लाडू बड़े भक्ति भाव से चढ़ाया गया। सुबह से ही अंबाह के सभी जैन मंदिरों में भक्तों का ताता लगा रहा, जो दर्शन के लिए और निर्वाण लाडू चढ़ाने आए थे। पढ़िए सौरभ जैन की रिपोर्ट…
अंबाह। सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण महोत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान महावीर का निर्वाण लाडू बड़े भक्ति भाव से चढ़ाया गया। सुबह से ही अंबाह के सभी जैन मंदिरों में भक्तों का ताता लगा रहा, जो दर्शन के लिए और निर्वाण लाडू चढ़ाने आए थे।
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाण कार्तिक अमावस्या को हुआ था। इस पावन महोत्सव के अवसर पर श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, चुंगी नाका पर जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साह और भक्ति के साथ अभिषेक, शांति धारा, महावीर भगवान की पूजा, और गौतम गणधर की पूजा की।
महावीराष्टक और निर्वाण कांड के पाठ के बाद निर्वाण लाडू चढ़ाने के साथ ही विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई। इसके बाद, श्रावक-श्राविकाओं ने सभी वेदियों और मानस्तंभों पर जाकर भगवान के दर्शन किए। इसी दिन भगवान महावीर स्वामी के प्रमुख गणधर इंद्रभूति गौतम गणधर को भी मध्यान्ह काल में केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, जिससे दिव्य ध्वनि का घोष हुआ। शाम को, श्री महावीर भगवान की मंगलमय महाआरती के साथ दीपावली का त्यौहार दीप प्रज्वलित कर मनाया गया।













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