विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर गुरुवार को पूरे विश्व में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 108 देशों में एक ही समय पर नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप एवं मंगलपाठ किया गया। जिसमें भारत सहित विश्वभर के जैन समाज एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। जबलपुर से पढ़िए, यह खबर…
जबलपुर। विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर गुरुवार को पूरे विश्व में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 108 देशों में एक ही समय पर नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप एवं मंगलपाठ किया गया। जिसमें भारत सहित विश्वभर के जैन समाज एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। जबलपुर में मुख्य आयोजन डीएन जैन कॉलेज परिसर में सुबह 7.30 बजे से किया गया।
जिसमें जबलपुर जैन धर्मालबियों की हजारों की संख्या में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों के साथ पुरुषों वर्ग की उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन से जुड़े और उन्होंने देशवासियों के साथ-साथ विश्व समुदाय को सुख, शांति और समृद्धि का संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में जीवन को श्रेष्ठ बनाने के लिए 10 महत्वपूर्ण संकल्पों को अपनाने का आह्वान किया। जिनमें जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वोकल फॉर लोकल, देश दर्शन, प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवनशैली, योग एवं खेल, गरीबों की सहायता तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना शामिल है।
समस्त जीवों के कल्याण की कामना की
इस अवसर पर दिगम्बर एवं श्वेताम्बर परंपरा के साधु-साध्वी, समण-समणी जी के सान्निध्य में नवकार महामंत्र का सामूहिक मंगलपाठ किया गया, जिससे विश्व शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समस्त जीवों के कल्याण की कामना की गई। विश्व नवकार दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, करुणा और संयम का संदेश देने वाला वैश्विक अभियान है। नवकार महामंत्र अहिंसा का मार्ग, आत्मबल का स्रोत और समस्त जीवों के प्रति करुणा का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया कि वे कम से कम 108 बार नवकार महामंत्र का जाप करें और इसके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाकर एक करुणामय, जागरूक एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।













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