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बेजुबानों की प्यास बुझाने आगे आई महिला शक्ति : 16 मंदिरों में ‘जीवदया’ के तहत निशुल्क सकोरे वितरित


राष्ट्रीय खंडेलवाल दिगम्बर जैन महिला संगठन द्वारा जीवदया हेतु विभिन्न मंदिरों में निशुल्क सकोरे वितरित किए गए। समाजजनों और महिला संयोजिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पक्षियों के संरक्षण का संदेश दिया। संस्थापक संदीप-शीतल पहाड़िया एवं अध्यक्ष ज्योति संजय सेठी ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। पढ़िए इंदौर की यह विशेष जानकारी…


इंदौर। भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों को राहत देने के लिए राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन द्वारा आयोजित ‘जीवदया’ अभियान का अंतिम चरण भव्यता के साथ संपन्न हुआ। संगठन द्वारा एयरपोर्ट क्षेत्र के चार प्रमुख मंदिरों सहित कुल 16 मंदिरों में निशुल्क सकोरे (मिट्टी के पात्र) वितरित कर समाज में मानवता और करुणा का अनूठा उदाहरण पेश किया गया है।

महाराज श्री के सान्निध्य में हुआ आयोजन

अभियान के संस्थापक संदीप-शीतल पहाड़िया ने बताया कि अंतिम चरण का मुख्य आयोजन अंजनी नगर स्थित चंदा प्रभु मांगलिक भवन में मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में हुआ। यहां शैफाली गंगवाल, प्रियंका डोसी और दीपाली बज सहित पूरी टीम ने सेवा का संकल्प दोहराया।

घर-घर पहुंचाए गए सकोरे

सेवा का यह जज्बा केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहा। कालानी नगर स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में वरिष्ठ सदस्य ऊषा पाटनी और कुसुम काला के नेतृत्व में महिलाओं ने न केवल वितरण किया, बल्कि समाज के कई परिवारों के घरों तक जाकर सकोरे पहुंचाए। वहीं, लीड्स एनक्लेव (छोटा बांगड़दा) जैसे बहुमंजिला इमारतों वाले क्षेत्रों में भी फ्लैटवासियों ने उत्साह दिखाते हुए अपनी बालकनी में पक्षियों के लिए पानी रखने का संकल्प लिया।

जीवदया ही सबसे बड़ी सेवा

विद्या पैलेस मंदिर में निर्मला पाटनी और बबीता लुहाड़िया की टीम ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में पक्षियों की अधिक संख्या को देखते हुए यह कार्य अत्यंत आवश्यक था। अभियान की सफलता पर संस्थापक संदीप पहाड़िया और अध्यक्ष ज्योति संजय सेठी ने सभी आर्थिक सहयोगियों एवं 16 मंदिरों की संयोजक टीमों का आभार व्यक्त किया। समाज का यह आयोजन सिद्ध करता है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। संगठन की इस पहल को पूरे शहर में सराहा जा रहा है। उन्होंने यह बताया कि महिला संगठन मनोरंजन करती ही है लेकिन, साथ ही संवेदनशील भी है। वह यह भी समझती है कि हम जब हजारों परिवार के लोग एक जगह एकत्रित हुए तो हम मिलकर एक शक्ति के रूप में भी कार्य करते हैं। और संगठन समूह में वह क्षमता रहती है कि वह बड़े से बड़े कार्य भी आसानी से कर सकते हैं।

इनके कार्य की हुई सराहना

संयोजिका शैफाली गंगवाल ,प्रियंका डोसी,प्रभा गंगवाल, दीपाली बज, खुशबू गोधा, नमिता कासलीवाल,श्वेता काला, संगीता काला, प्रीति मोदी,मनोरमा पाटनी, मोनिका काला, राजकुमार पाटनी, देवेंद्र सोगानी, ऋषभ पाटनी, राजेश काला, संगठन की वरिष्ठ ऊषा पाटनी, संयोजिका कुसुम काला, लता पाटनी , प्रभा गंगवाल , छाया पाटनी, मंजू रावका, कीर्ति कासलीवाल,निरुपमा जैन डोसी ( नूरी ), मोना गंगवाल, शीतल जैन, निर्मला पाटनी, बबीता लुहाड़िया, मंजू पहाड़िया, रेणु जैन,इंद्रा अजमेरा, प्रीति सेठी, अंजू सेठी , दीपिका गंगवाल , प्रभा गंगवाल , प्रियंका डोसी का सराहनीय सहयोग रहा है।

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