आदिनाथ से महावीर जयंती तक निकाली जा रही धार्मिक पदयात्रा और पालकी यात्रा के हाईलिंक में समापन के बाद निर्माणाधीन दिगंबर जैन मंदिर के समीप धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंच पर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी, मुनिश्री आदित्यसागर जी, मुनिश्री अप्रमितसागर जी, मुनिश्री सहजसागर जी ससंघ विराजित रहे। आचार्य भगवंतों के चित्र अनावरण के साथ दीप प्रज्वलन किया गया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। आदिनाथ से महावीर जयंती तक निकाली जा रही धार्मिक पदयात्रा और पालकी यात्रा के हाईलिंक में समापन के बाद निर्माणाधीन दिगंबर जैन मंदिर के समीप धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंच पर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी, मुनिश्री आदित्यसागर जी, मुनिश्री अप्रमितसागर जी, मुनिश्री सहजसागर जी ससंघ विराजित रहे। आचार्य भगवंतों के चित्र अनावरण के साथ दीप प्रज्वलन किया गया। इस कार्य के लिए संजय पाटोदी, संजय बड़जात्या, गिरीश रारा सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे। इस अवसर पर निर्माणाधीन मंदिर और वेदी पर प्रतिमाएं विराजित करने के लिए बोलियां लगाई गईं। मूलनायक भगवान की प्रतिमा की बोली सवा 11 लाख में विपिन भाई ने ली। इसके अलावा अन्य प्रतिमाओं की बोली में भी समाजजनों ने हिस्सा लेकर पुण्यार्जन किया। महिला मंडल ने भी बोलियों में हिस्सा लिया। मंचासीन मुनिराजों का सर्वप्रथम हाईलिक दिगंबर जैन कमेटी की ओर से पाद प्रक्षालन किया गया। समाजजनों और महिला मंडल की ओर मुनिराजों को श्रीफल और शास्त्र भेंट किया गया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन सामाजिक संसद के नवीन अध्यक्ष आनंद गोधा, नवीन गोधा, वरिष्ठ समाज सेवी कैलाश वेद, संजय बडजात्या, दिलीप जैन, गिरीश रारा, जीतेंद्र पाटोदी लोकेंद्र गंगवाल, नीलेश बडजात्या, विकास रारा, मयंक जैन, संजय बडजात्या, जीतेंद्र पोरवाल, मयंक काला, टीके वेद, नकुल पाटोदी, अनूप जैन सहित भोपाल, महाराष्ट्र, गुजरात आदि स्थानों से समाजजन भी मौजूद रहे।

समाज में त्याग करने वालों की संख्या नगण्य
धर्मसभा में अंतर्मुखी मुनिश्री ने कहा कि हम भगवान महावीर को मानते हैं। उनके गुणों की पूजा करते हैं। कभी महावीर जैसा बनने की कोशिश नहीं की। धर्मसभा में मुनिश्री ने श्रावकों के कर्तव्यों और धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान आदिनाथ और भगवान महावीर के संदेशों में से हम कितने का पालन करते हैं। कितने व्रतों का पालन करते हैं। उन्होंने त्याग के बारे में कहा कि समाज में आलू, प्याज, जमीकंद का संपूर्ण त्याग करने वालों की संख्या नगण्य है। मुनिश्री ने कहा कि कम से कम एक महीने, दो महीने का ही त्याग का संकल्प ले लीजिए तो जीवन धन्य हो जाएगा। इस मौके पर विपिन जैन ने आजीवन आलू का त्याग का मुनिश्री के समक्ष प्रवचन के दौरान ही लिया। प्रवचन को आगे बढ़ाते हुए मुनिश्री ने कहा कि आर्यिका….माताजी ने कहा है कि जिस व्यक्ति ने जनेऊ धारण नहीं किया है। वह पूजा और अभिषेक का अधिकारी नहीं है। मुनिश्री ने व्रत, संयम, तप और त्याग की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुनिश्री ने दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा के शपथ ग्रहण के लिए समाजजनों से कहा कि आपने उन्हें अपना अमूल्य मत देकर जिताया है तो शपथ ग्रहण भी आपको ही करवाना है। अच्छा हो कि शपथ विधि मंदिर में भगवान के सामने हो। इसके लिए समाजजन मिलकर तारीख भी तय कर लें।

अपनी आस्था की भी प्राणों से भी ज्यादा रक्षा करनी चाहिए
मुनिश्री के प्रवचन के बाद मुनिश्री आदित्यसागर जी ने अपना मंगल उदबोधन दिया। मुनिश्री ने कहा कि हमें प्राणों से अधिक किसकी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि मोबाइल फोन की? उन्होंने कहा कि हमें अपने प्राणों से भी अधिक चार चीजों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने इसकी व्याख्या करते हुए कहा कि हमें अपनी समता की प्राणों से अधिक रक्षा करनी चाहिए। हमें अपनी आस्था की भी प्राणों से भी ज्यादा रक्षा करनी चाहिए। अपने व्रतों की भी पूरी तरह रक्षा करनी चाहिए। इसके साथ ही गुरु शिष्य के संबंधों की भी अपनी जान से अधिक रक्षा करनी चाहिए और अन्य समाजजनों को भी प्रेरित करना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि यह चर्चा अक्सर सुनी है कि खाना पचना नहीं। जिसका खाना पचता नहीं वह इंसान बचता नहीं। मुनिश्री आदित्यसागर जी ने कहा कि भारत में जैन धर्म का विशु़द्ध दर्शन है। किसी की क्रिया को देखकर भले ही वह गलत हो अपनी आस्था और श्ऱद्धा कभी मत बिगाड़ना।

पुस्तक पोस्टर का विमोचन और सम्मान किया
कार्यक्रम के दौरान श्रीफल मीडिया हाउस की सद्य प्रकाशित पुस्तक के पोस्टर का विमोचन मुनिराजों और समाज श्रेष्ठियों के हाथों किया गया। इस अवसर पुस्तक पोस्टर के बारे में श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा संजय जैन ने इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। हाईलिंक सोसायटी की ओर से श्री दिगंबर जैन सामाजिक संसद के नवीन अध्यक्ष का पगड़ी, दुप्पटा और माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर नवीन गोधा को भी अभिनंदित किया गया। कार्यक्रम के बाद यहां पर समाजजनों के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन प्रतीक जैन ने किया।














Add Comment