भारत में 21 जून को सबसे बड़ा दिन होगा और रात सबसे छोटी होगी । इसी के सात दक्षिणायन एवं वर्षा ऋतु का मंगल आगमन होगा । भारत सहित उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे बड़ा दिन एवं सबसे छोटी रात 21 जून को होती है, जबकि साल की सबसे बड़ी रात और सबसे छोटा दिन 21 दिसंबर को होता है। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। भारत में 21 जून को सबसे बड़ा दिन होगा और रात सबसे छोटी होगी । इसी के सात दक्षिणायन एवं वर्षा ऋतु का मंगल आगमन होगा । भारत सहित उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे बड़ा दिन एवं सबसे छोटी रात 21 जून को होती है, जबकि साल की सबसे बड़ी रात और सबसे छोटा दिन 21 दिसंबर को होता है।
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 जून को इस साल सबसे बड़ा दिन होगा और सबसे कम समय की रात होगी । इसे ग्रीष्म अयनांश कहते है।
पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.05 अंश पर झुकी हुई है।जून में पृथ्वी की स्थिति भारत में ऐसी होती है कि उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर अधिक झुका रहता है। इसलिए भारत सहित उत्तरी गोलार्ध वाले देशों में सूर्य अधिक समय तक दिखाई देता है और दिन सबसे लंबा हो जाता है।
भारतीय ज्योतिष में यह समय उत्तरायण काल के प्रभाव का अंतिम प्रमुख चरण माना जाता है। सूर्य की उत्तर दिशा की तरफ गति होने के कारण दिन बड़े ओर रात छोटी होती है 21 जून के बाद सूर्य का सायन कर्क राशि में प्रवेश होने और इसी समय से दक्षिणायन की ओर प्रभाव बढ़ने लगता हैं दिन धीरे धीरे छोटे और रात धीर धीरे बड़ी होने लगती है। जबकि दक्षिणी गोलार्ध वाले देशों में 21 जून को रात सबसे बड़ी होती है दिन सबसे छोटा होता है यानी भारत से विपरीत वहां शीत अयनांश होता है। वहीं 21 जून को मध्यआर्टिक में 24 घंटे सूर्य दिखाई देता है, तो अंटार्टिका के कई शहरों में 24 घंटे रात रहती है।
भारत में सूर्य के कर्क से मकर राशि वाले दिन सूर्य के दक्षिणायन वाले देवताओं की रात्री वाले छह माह कहलाते है।इसके विपरीत सूर्य के मकर राशि से कर्क राशि तक का छः माह का समय उत्तरायण काल अर्थात देवताओं का दिन कहलाते है । महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपने प्राण त्यागने के लिए उत्तरायण के समय तक इंतजार किया था।
21 जून को कहा कितना बड़ा दिन होग
दिल्ली में 13 घंटे 55 मिनट, उज्जैन में 13 घंटे 30 मिनट, ग्वालियर में 13 घंटे 43 मिनट













Add Comment