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सात दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन : संतों के लिए उत्कृष्ट स्थली है बोलखेड़ा की धरा – आचार्य सुनील सागर


कामां में हुए सात दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन के उपरांत आचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ का शांतिनाथ दिगंबर जैन दीवान मंदिर से जम्बू स्वामी तपोस्थली बोलखेड़ा के लिए पद विहार हुआ। इस पावन अवसर पर आचार्य ने कहा की कामां की धरा में प्रेम प्यार और पवित्रता नजर आती है। यहां भव्य दिव्य का आयोजन हुआ है जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आएंगे। पढि़ए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…

 


कामां। सात दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव कामां के समापन के उपरांत आचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ का शांतिनाथ दिगंबर जैन दीवान मंदिर से जम्बू स्वामी तपोस्थली बोलखेड़ा के लिए पद विहार हुआ तो आचार्य ने कहा की कामां की धरा में प्रेम प्यार और पवित्रता नजर आती है। यहां यह भव्य दिव्य आयोजन हुआ है जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आएंगे। तपोस्थली बोल खेड़ा के महामंत्री अरुण जैन बंटी ने बताया कि आचार्य संघ का जम्बू स्वामी तपोस्थली बोलखेड़ा पर मंगल प्रवेश हुआ तो समिति के पदाधिकारीयों ने भावभीनी आगवानी की।

पाद प्रक्षालन व आरती उतार कर आचार्य संघ का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर आचार्य ने कहा की तपोस्थली बोलखेड़ा संतों की साधना की उत्कृष्ट स्थली तो है ही साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण शांतिमय स्थल है। कैथवाड़ा ने प्रख्यात कवि नानक चंद नवीन के द्वारा बैंड बाजो के साथ अपने निज निवास तक प्रवेश कराया गया तो वहां काव्य पाठ करते हुए गुरु वंदना की और कहा कि गुरु की महिमा का वर्णन नहीं किया जा सकता। गुलपाड़ा चौराहे पर सरपंच छवि गोयल पुत्र भरत लाल गोयल परिवार द्वारा पाद प्रक्षालन कर अचार्य संघ का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर अनेकों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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