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स्वस्तिभूषण माताजी का केकड़ी में भव्य मंगल प्रवेश: विधायक शत्रुघ्न गौतम ने आर्यिका संघ की अगवानी की


श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बोहरा कॉलोनी में आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। देवली-कोटा-सावर तिराहे पर विधायक शत्रुघ्न गौतम ने समाज के जनसैलाब के साथ अगवानी की। कोटा रोड तिराहे से शोभायात्रा प्रारंभ हुई। पाद प्रक्षालन और मंगल आरती की गई। धर्मसभा में संबोधन हुआ। केकड़ी से पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…


केकड़ी। श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बोहरा कॉलोनी में आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। समाज अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ज्वेलर्स ने बताया कि देवली-कोटा-सावर तिराहे पर विधायक शत्रुघ्न गौतम ने समाज के जनसैलाब के साथ अगवानी की। कोटा रोड तिराहे से शोभायात्रा प्रारंभ हुई। जगह-जगह भक्तों ने पलक पावड़े बिछाकर पाद प्रक्षालन और मंगल आरती करते हुए माताजी की अगवानी की। संपूर्ण शोभायात्रा का मार्ग स्वागत द्वार, बैनर पोस्टर से अटा हुआ था। मंत्री कैलाशचंद जैन मावावालों ने बताया कि शोभायात्रा बस स्टैंड, अजमेरी गेट, घंटाघर, जैन चैत्यालय, आदिनाथ मंदिर होते हुए श्री नेमिनाथ जैन मंदिर बोहरा कॉलोनी पहुंची। शोभायात्रा में शुभकामना परिवार के 14 समूह ने 14 स्वागत द्वार बनाकर गुरु मां संघ की अगवानी की। गुरु मां की अगवानी में सकल दिगंबर जैन समाज महिला मंडल, राजुल महिला मंडल, शांतिनाथ बहु मंडल, विशुद्ध वर्धिनी महिला मंडल, आदिनाथ बहु मंडल, वामा महिला मंडल, त्रिशला महिला मंडल, दिगंबर जैन महिला मंडल, महिला महासमिति, सकल दिगंबर जैन समाज की सभी महिलाएं और पुरुष सम्मिलित हुए। शोभायात्रा में मां विशुद्ध महिला जयघोष विशेष आकर्षण का केंद्र बिंदु रहा।

इन समाजजनों ने हासिल किया सौभाग्य 

धर्मसभा में सर्वप्रथम भगवान महावीर, आचार्य श्री ज्ञान सागर, आचार्य श्री सन्मति सागर महाराज के चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन पदमचंद पाटनी देवली, विनोद जैन पारस चैनल कोटा, अनिल मित्तल, गोविंद जैन सदारा, बीजेपी नगर अध्यक्ष रितेश जैन तथा सभी जैन मंदिरों के अध्यक्ष गणों ने किया। पाद प्रक्षालन भागचंद ज्ञानचंद सुनील कुमार जैन ज्वेलर्स ने किया। माताजी को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य पारसमल महावीर प्रसाद बघेरा, ओम प्रकाश गोविंद जैन सदारा व कैलाश चंद पीयूष कुमार जैन मावा वालों को प्राप्त हुआ। धर्मसभा के प्रारंभ में राजुल महिला मंडल की अध्यक्ष चंद्रकला जैन ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। अनुष्का, वारिधि और साक्षी ने सुंदर भक्ति कर मंगलाचरण प्रस्तुत किया।

अनेकांतवाद और स्यादवाद सिद्धांत को समझना आवश्यक

जैन धर्म के अर्थ को समझने के लिए अनेकांतवाद और स्यादवाद सिद्धांत को समझना आवश्यक है। आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में जैन धर्म का अर्थ बताते हुए कहा कि अनेकांतवाद ओर स्यादवाद ये दो सिध्दांत हैं जो जैनधर्म को समझने के लिए आवश्यक हैं। उदाहरण के माध्यम से माताजी ने समझाया कि चीनी केवल मिठास से नहीं जानी जाती अपितु उसकी सफेदी, घुलनशीलता और दाने से जानी जाती है। अग्नि, गर्म, ताप, प्रकाशक और भस्मक दाहक के लिए पहचानी जाती है। एक ही महिला को दादी, नानी, मां, बहन, बुआ, चाची बहुत से संबोधन मिलते हैं। एक ही महिला अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग संबोधन हो सकती ळै ठस्क्ज्ञ अर्थ यह है कि महिला के लिए कोई भी संबोधन गलत नहीं है। यही अनेकांतवाद व स्यादद्वाद होता है। जिस प्रकार अंक 6 को आमने-सामने वाला व्यक्ति 6 और 9 बताते हुए झगड़ता है जबकि, दोनों अपनी जगह सही होते हैं। युवाओं की और ध्यान इंगित करते हुए माताजी ने कहा कि युवा अनेकांतवाद को समझने पर कषाय कर्म और धर्म की प्राप्ति कर सकते है व समता धैर्य होने पर सुख प्राप्त कर सकते हैं। मीडिया प्रभारी रमेश बंसल और पारस जैन ने बताया कि प्रतिदिन शाम को 7 बजे माताजी के सानिध्य में शिवम वटिका में आनंद यात्रा का आयोजन होगा।

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