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भक्तामर पाठ का 36 वां श्लोक व्यापार वृद्धि के लिए लाभदायक: प्रत्येक चतुर्दशी को होता है नेमिनाथ भगवान् का अभिषेक और शांतिधारा


श्री 1008 चमत्कारिक रिद्धि-सिद्धि दायक नेमिनाथ मंदिर में भक्तामर पाठ के दीपक प्रत्येक चतुर्दशी को प्रज्वलित किए जाते हैं। सुबह भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की जाती है। शाम को संगीतमयी आराधना होती है। खैरवाड़ा से पढ़िए यह खबर…


खैरवाड़ा। श्री 1008 चमत्कारिक रिद्धि-सिद्धि दायक नेमिनाथ मंदिर में भक्तामर पाठ के दीपक प्रत्येक चतुर्दशी प्रज्वलित को किए जाते हैं। विगत गुरुवार को चतुर्दशी होने से नेमिनाथ मंदिर में भक्तामर पाठ के 48 दीपक श्रावक-श्रेष्ठी कुलदीप बाबूलाल शाह परिवार ने प्रज्वलित किए गए। दिगंबर दशा हुमड़ जैन समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र वखारिया एवं कमेटी ने बताया कि चमत्कारिक रिद्धि-सिद्धि दायक नेमिनाथ मंदिर में प्रत्येक चतुर्दशी को सुबह में नेमिनाथ भगवान् का अभिषेक एवं शांतिधारा होती है और रात्रि को भक्तामर पाठ के 48 दीपक संगीतमय भक्ति भाव से प्रज्वलित किए जाते हैं।

भक्तामर पाठ में यह समाजजनों ने अर्जित किया पुण्य 

भक्तामर पाठ का 36 वां श्लोक व्यापार वृद्धि के लिए बहुत ही अच्छा है। इस श्लोक को शुद्धता से 27 बार हमेशा पढना चाहिए। इसी प्रकार भक्तामर पाठ का प्रत्येक श्लोक हर तरह से फायदेमंद है। कन्हैयालाल शाह, नरेंद्र पंचोली, पुनमचन्दजी वखारिया, महेन्द्रजी जैन, हेवनजी फडी़या, प्रवीणजी शाह, गुणवन्तजी फडी़या, चन्द्रेशजी शाह, प्रकाशजी पंचोली, पंकज शाह, विपिन, रुपेश, अमित, सतीश, राकेश, स्वराज, दिनेश और रमिला दोसी, मधु फड़िया, पदमा पंचोली, कंचन शाह, रमिला शाह, वर्षा पंचोली, गुणमाला वखारिया, कंचन पंचोली, उषा शाह, सरोज पंचोली और महिला मंडल की बहनें रानु पंचोली, ममता वखारिया, चमचम पंचोली, मोनू शाह एवं 70 से अधिक साधर्मी श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।

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