Tag - पंचकल्याणक

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भगवान की प्रतिमा दर्पण हैं, जिससे आत्मा की मलिनता दूर हो सकती है – आचार्य श्री वर्धमान सागर : आदर्श नगर पारसनाथ मंदिर में पंचकल्याणक पत्रिका का विमोचन, आचार्य संघ सानिध्य में

आदर्श नगर टोंक में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पारसनाथ जिनालय में धर्मसभा में उपदेश दिया। उन्होंने भगवान की प्रतिमा को दर्पण के समान बताते हुए आत्मा की...

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तीर्थंकर कुल का मनुष्य जीवन कीमती रत्न के समान है : आचार्यश्री वर्धमानसागर जी ने कहा- इसकी कर्म रूपी चोरों से सुरक्षा जरूरी 

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने श्री आदिनाथ जिनालय नसिया में शांतिनाथ विधान के पूजन के समय मंगल देशना में कहा कि आज श्री आदिनाथ जिनालय में आप श्री...

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अवतरण दिवस का भव्य आयोजन : राष्ट्रीय जैन पत्र संपादक संघ का अधिवेशन और पंचकल्याणक पाठ पूजा संपन्न

आगरा के श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य विद्यासागर जी महाराज एवं आर्यिकारत्न ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस के अवसर पर भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक...

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तूमेन का ‘बैठा देव’ : आस्था और इतिहास का संगम : भगवान आदिनाथ की प्राचीन प्रतिमा पुनर्संस्कार और पंचकल्याणक के साथ पुनः विराजित

अशोकनगर जिले के तूमेन गाँव में विराजमान भगवान आदिनाथ की प्रतिमा “बैठा देव” न केवल जैन परंपरा का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय और जैन समाज की आस्था का केंद्र बन चुकी...

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भगवान श्री शांतिनाथ का गर्भ कल्याणक 15 अगस्त को: भादों की कृष्ण पक्ष की सप्तमी को आता है भगवान का गर्भ कल्याणक 

जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का गर्भ कल्याणक पूर्ण भक्ति भाव से समूचे देश में दिगंबर जैन मंदिरों में मनाया जाएगा। भगवान शांतिनाथ का गर्भ कल्याण...

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महादेवी (माधुरी) हथिनी की विदाई में उमडी भीड़: जिनसेन भट्टारक महास्वामीजी हुए भावुक

अतिशय क्षेत्र नांदणी अनेक ऋषि मुनियों की तपस्या से पावन प्राचीन तीर्थक्षेत्र है। यह अनेक लोगों का श्रद्धा स्थान है। पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के...

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सागर में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ससंघ की भव्य अगवानी : भाग्योदय तीर्थ एवं गौराबाई जैन मंदिर में मंगल प्रवचन

आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर आदर्श रेजिडेंसी भोपाल रोड से...

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स्वस्तिश्री जिनसेन भट्टारक स्वामीजी का पद विहार: नांदणी मिठ का इतिहास 1300 वर्ष पुराना

स्वस्तिश्री जिनसेन भट्टारक स्वामीजी का नांदणी से कुंथलगिरी और कुंथलगिरी से नांदणी तक पद विहार शुरु है। नांदणी के स्वस्तिश्री जिनसेन भट्टारक स्वामीजी नांदणी से...

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समय बदलते देर नहीं लगतीः मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी ने प्रवचन में समय की महत्ता बताई

भोपाल में पंचकल्याणक चल रहा है। यहां मुनिराजों के प्रवचनों का जैन समाज के लोग धर्मलाभ ले रहे हैं। शुक्रवार को मुनिश्री सर्वार्थ सागरजी महाराज ने समय की महत्ता...

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मूर्ख और मुर्दे को उपदेश नहीं दे सकते : मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी ने पंच कल्याणक महोत्सव में किया संबोधित

भोपाल में इन दिनों पंचकल्याणक महोत्सव जारी है। इसमें पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के सानिध्य में विविध धार्मिक विधियां हो रही हैं। इसमें बड़ी संख्या...

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