भिलुडा के पास शिवगौरी सेवाश्रम से अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में आचार्य श्री कनकनंदीजी ने बताया कि जो भी सुख-दुख जन्म मरण है, इसका मूल कारण कर्म है। राग, द्वेष...
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जैन दर्शन में मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य मोक्ष प्राप्त करना है। जब तक हम मोह को नष्ट नहीं करेंगे, मोह का त्याग नहीं करेंगे, तब तक मोक्ष की प्राप्ति संभव नहीं...








