Tag - shreephal jain news

समाचार

आचार्यश्री विशुद्धसागरजी के सानिध्य में होगा वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव: खरगोन में दिगंबर जैन पोरवाड़ मंदिर का जीर्णाेद्धार कार्य जारी

खरगोन नगर में दिगंबर जैन पोरवाड़ मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण कार्य प्रगति पर है। यहां पर आगामी अप्रैल में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है। इसके लिए...

समाचार

लॉयन्स क्लब एलीट ने दिव्यांग बच्चों के साथ बसंतोत्सव मनायाः बच्चों को पुरस्कार वितरित किए गए

लॉयन्स क्लब मुरैना एलीट ने बसंत पंचमी का पर्व दिव्यांग बॉयज हॉस्टल में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के पूजन से हुआ। इस अवसर पर...

समाचार

संत शिरोमणि विद्या सागरजी का प्रथम स्मृति दिवस 6 फरवरी को मनाया जाएगा: लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

आचार्य गुरुवर 108 विद्या सागरजी महाराज विगत वर्ष 18 फरवरी 2024 को इस संसार को छोड़कर समाधिस्थ हुए थे। महामुनिराज का प्रथम स्मृति दिवस तिथि अनुसार 6 फरवरी को...

समाचार

आढीव पंढरपुर पंचकल्याणक में केवलज्ञान कल्याणक महोत्सव मनायाः 5 फरवरी को मोक्ष कल्याणक मनाया जायेगा

भगवान मुनि सुव्रतनाथजी की नूतन कलात्मक जिनमंदिर शिखर के साथ आढीव पंढरपुर में निर्माण हुआ हैं। जिसका पंचकल्याणक महोत्सव 5 फरवरी को मनाया जा रहा हैं। यह महोत्सव...

समाचार

मुनिश्री निष्पक्ष सागर जी एवं मुनि श्री निस्पृह सागर जी के सानिध्य में होगा कार्यक्रम : 24 गंधकुटी युक्त समवशरण महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ पांच फरवरी से 

 सोनकच्छ नगर के इतिहास में प्रथम बार गुरु स्मरण महामहोत्सव 24 गंधकुटी से सुसज्जित समवशरण महामंडल विधान का आयोजन पांच फरवरी से होगा। कार्यक्रम आचार्य श्री...

समाचार

...तो जाओ तुम्हारी जिंदगी में खुशियों की बौछार बनी रहेगी: मुनिश्री के प्रवचनों का धर्मलाभ ले रहे हैं धर्मावलंबी श्रद्धालु

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के प्रवचन सुनने के लिए जिनालयों में जैन समाज के धर्मावलंबी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थित रहती है।...

समाचार

सभी जीवों के प्रति मैत्री भाव और दीन-दुःखियों पर रखें करुणा और दया: महावीरनगर की ओर किया आचार्य ने विहार

आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज कोटा के आरके पुरम त्रिकाल चौबीसी जैन मंदिर में विराजित होकर धर्मसभा को संबोधित कर रहे हैं। यहां के जैन समाज के गुरु भक्त श्रावक...

समाचार

दोहों का रहस्य -22 आलस्य, अज्ञान और व्यर्थता से दूर रहकर जागरूक और सतर्क रहें : जीवन अस्थायी है और मृत्यु किसी भी समय आ सकती है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

समाचार

भोपाल में मुनिश्री प्रमाणसागर जी को श्रीफल अर्पित किए : नैनागिरि कार्यक्रम की पत्रिका भेंटकर लिया आशीर्वाद  

मुनिश्री प्रमाणसागर जी को बकस्वाहा में होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम और समवशरण परिक्षेत्र की परिक्रमा के शुभारंभ में पधारने के लिए पत्रिका भेंट की गई और उनका...

समाचार

मुनिश्री प्रणम्य सागर जी ने करवाई ज्ञान कल्याणक की क्रियाएं : सारगर्भित उपदेश सुनकर धन्य-धन्य हुए गुरु भक्त

जयपुर के सिद्धार्थनगर में विराजित मुनिश्री प्रणम्य सागरजी के सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव मनाया गया। इसमें भगवान का ज्ञान कल्याणक मनाया गया। मुनि श्री ने...

You cannot copy content of this page