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धर्म सभा में दिए प्रवचन : गुरु से भी बड़ी है गुरु की आज्ञा- निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

कोई भी क्रिया अच्छी बुरी नहीं होती, ये सृष्टि सापेक्षवाद के सिद्धान्त पर व्यवस्थित चल रही है तो सापेक्षवाद का सिद्धान्त है- ‘न यह सत्य है, न वह सत्य है...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : जिस बाप की संपत्ति पर भाइयों में लड़ाई हो जाए, समझ लेना उस बाप की कभी सद्गति नहीं हो सकती: निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

व्यक्ति को अपने जीवन को चलाने के लिए एक ही कारण नहीं होना चाहिए क्योंकि जीवन अनेक पहलुओं से चलता है। एक ही प्रकार का अधर्म नहीं है, तो एक ही प्रकार का धर्म भी...

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पाठशाला अधिवेशन में दिए प्रवचन : बच्चों को पाठशाला इसलिए भेजो ताकि तुम्हारा बेटा कम से कम कुल में कलंक लगाने वाला न बन जाए- निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

मुनि श्री सुधा सागर जी ने महाराज ने प्रवचन में कहा, “आंख तुम्हें मिली है, दर्शन कर सकते हो, लेकिन मन नहीं हो रहा है। समझ लो, धर्म ने तुम्हारी आंख को...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : बुरे कार्यो की बुराई करना भी धर्म है- निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

महान आत्माएं एक वो होती है जो महान गुणों को धारण करती हैं, दूसरी वे आत्मायें होती है जिन्हें दुनिया के हर जीव में महानता दिखती है। ऐसे ही सज्जन आदमी भी होते...

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जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम भी होगा : मुख्यमंत्री मुनि श्री सुधासागर जी से आशीर्वाद प्राप्त करेंगे

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को भाग्योदय तीर्थ क्षेत्र सागर में विराजित जगतपूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के...

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डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम : डॉ. संजीव सराफ लगातार तीसरी बार पुरुस्कृत

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में आयोजित हिन्दी पखवाड़ा-2024 अंतर्गत आयोजित समापन समारोह पर डॉ संजीव सराफ को आशु भाषण प्रतियोगिता में लगातार तीसरे वर्ष...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : किसी के गलत कार्य करने पर जानते हुए भी मौन रह जाना सबसे बड़ा पाप – मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

शास्त्रों में कहा कि विपरीत वृत्ति वालों के प्रति मध्यस्थ भाव रखना चाहिए, माध्यस्थ भाव रखना हमारा धर्म या स्वभाव नहीं है, हमारी मजबूरी है क्योंकि सामने वाला...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : जिस दिन तुमने स्वयं को संसार का सबसे बड़ा पापी मान लिया, उसी दिन से तुम धर्मात्मा बनना शुरू हो जाओगे- निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

सागर। जितना एक व्यक्ति अच्छा बनने का प्रयास कर रहा है, उतना वह अच्छा नहीं बन पा रहा है। जितनी ऊंचाई को छूने का प्रयत्न कर रहा है, उतना ऊंचा उठ नहीं पा रहा।...

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जन्मभूमि पर वर्णी स्मारक का लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न : विद्वत संगोष्ठी और स्नातक सम्मेलन के साथ मनाई गई वर्णी जयंती

 श्री गणेश प्रसाद वर्णी की 151वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में वर्णी भवन मोराजी में विविध कार्यक्रमों के साथ भव्य आयोजन किया गया। सुबह प्रभात फेरी, ध्वजारोहण और...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : शराब, सिगरेट या गुटखा खाना पाप नहीं, मां को निपूती करने का पाप है – मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने क्षमावाणी पर्व के अवसर पर अपने प्रवचन में कहा, “शराब, सिगरेट या गुटखा खाना पाप नहीं है, परंतु मां को निपूती करना...

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