मुनि श्री प्रणम्य सागरजी महाराज ने कुचामनसिटी में श्रावकों के आग्रह पर संघ सहित ऐतिहासिक किले का अवलोकन किया। उन्होंने यहां पर सभी जैन समाज के श्रावकों को...
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अंग्रेज तो चले गए परन्तु हम आज़ तक उनके द्वारा लादे गए कुसंस्कारों का बोझ ढोते जा रहें हैं। आचार्यश्री विद्यासागरजी महा मुनिराज ने उक्त बातों का गहन चिंतन करते...








