इंदौर में ससंघ विराजमान मुनिश्री आदित्य सागरजी मुनिराज प्रवचन की दुनिया में एक ऐसा नाम हैं, जिनकी लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। अखबारों मे हो या फिर...
Tag - jain samaj
सन्मति वाणी के संपादक पंडित जयसेन जैन का आकस्मिक निधन हो गया। इससे दिगंबर जैन समाज में शोक की लहर है। जूनी इंदौर के श्मशान में उनकी देह अग्नि को समर्पित की गई।...
राणा, प्रताप, मीरा और पन्नाधाय के तप त्याग और साधना की पावन वसुंधरा राजस्थान प्रांत की गुलाबी नगरी श्री दिगंबर जैन मंदिर चंद्रप्रभु दुर्गापुर जयपुर में श्री...
हमारी यानि विशेषकर शहरी लोगों की डाईट खराब होती जा रही है। क्योंकि डाईट में मैदा, प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड और मसालेदार चीजों को खाने का चलन बहुत अधिक बढ़ता चला...
शाकाहारी भोजन करने का अर्थ यह हैं कि शुद्ध और सात्विक भोजन किया जाना चाहिये। इसे हम यू भी समझ सकते हैं कि किसी भी जीव जिसमें जीवन का अंश हो उसे रंच मात्र भी...
श्री विशुद्ध सागरजी के शिष्य श्री आदित्य सागरजी, अप्रमित सागरजी, आराध्य सागरजी, सहज सागरजी एवं क्षुल्लक श्रेयस सागरजी ससंघ के सानिध्य में सर्वाेदय पार्श्वनाथ...
परिमित भोजन का अर्थ यह हैं कि उचित मात्रा में भोजन को ग्रहण करना है। वह भोजन जो गरिष्ठ न हो और हमें बीमारियों से बचाने वाला हो। जो स्मरण शक्ति को भी कमजोर न...
हितकारी आहार से आशय यह हैं कि कुछ भोजन ऐसे होते हैं जिनकी तासीर अथवा गुण आपस में मिलते है। इसका अर्थ यह हैं कि ये एक-दूसरे के अनुकूल होते है, जिन्हे हम हितकारी...
भारत गौरव आचार्यश्री पुलक सागरजी के आर्शीवाद से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अष्टान्हिका महापर्व व होली के पावन पर्व पर पुलक मंच परिवार की ओर से आदिनाथ...
पूज्यता ऐसे ही नहीं आती है। यह गुणों से प्राप्त होती है। पूजा में प्रमाद का कोई स्थान नहीं है। प्रमाद से पूजा के फल की प्राप्ति भी नहीं होती है। उक्त विचार...








