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श्री भक्तामर महामंडल विधान का तीसरा दिन : किसी के आचरण पर अंगुली उठाने से पहले स्वयं के अंदर झांको – मुनि पूज्य सागर

दशा हुमड़ दिगंबर जैन समाज, पारसोला की ओर से अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज, आर्यिका प्रसन्न मति माताजी और क्षुल्लक अनुश्रमण सागर के सानिध्य में हो रहे श्री...

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श्री भक्तामर महामंडल विधान का दूसरा दिन : पूजन करते समय जैसे भाव होंगे, कर्म भी वैसे ही बंध जाएंगे – मुनि पूज्य सागर

दशा हुमड़ दिगंबर जैन समाज, पारसोला की ओर से अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज, आर्यिका प्रसन्न मति माताजी और क्षुल्लक अनुश्रमण सागर के सानिध्य में हो रहे श्री...

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श्री भक्तामर महामंडल विधान की हुई शुरुआत : भक्तामर का पाठ करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं 48 दिन में- मुनि पूज्य सागर 

दशा हुमड़ दिगंबर जैन समाज, पारसोला की ओर से अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज, आर्यिका प्रसन्न मति माताजी और क्षुल्लक अनुश्रमण सागर के सानिध्य में श्री भक्तामर...

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अंतर्मुखी श्री मुनि पूज्य सागर महाराज का रहेगा सानिध्य : भक्तामर महामंडल विधान और ज्योतिष आधारित सर्वतोभद्र विधान का होगा आयोजन

दिगंबर जैन समाज पारसोला की ओर से अंतर्मुखी श्री मुनि पूज्य सागर महाराज, आर्यिका प्रसन्न मति माता जी और क्षुल्लक अनुश्रमण सागर महाराज के सानिध्य में भक्तामर...

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धर्मसभा में प्रतिदिन होती है श्रीजी एवं आचार्य श्री की आरती : संसार की सभी गतियों में सुख नहीं है – आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने केशव नगर...

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गुरुमां ने बरैया जैन मंदिर में दिया उदबोधन : हमारी कषाय ही हमें दुख देती हैं-आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी

जैन साध्वी गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने श्री दिगम्बर बरैया जैन मंदिर, ग्वालियर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 25 कषाय ऐसी हैं, जो हर कर्म...

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धर्मसभा में प्रतिदिन होती है श्रीजी एवं आचार्य श्री की आरती : सम्यक दर्शन मोक्ष मार्ग की नींव है-आचार्य वर्धमान सागर

प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने केशव नगर...

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