निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। जानते हैं उनके...
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संपूर्ण भारतवर्ष में ज्ञान की धारा युवा विद्वानों से व्यवहृत है। इसका संपूर्ण श्रेय स्वर्गीय रतन लाल बैनाड़ा गुरु को जाता है, जिनका आज जन्म दिवस है। उनके कारण...
पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए भक्तामर वाले बाबा आचार्य विनम्रसागर महाराज ने कहा कि विनय के बिना ज्ञान में वृद्धि नहीं होती।...
जो आज तक किया है अब नहीं करेंगे और जो नहीं किया है वो अब करेंगे। ऐसी विचारधारा जब आपकी अंतस चेतना में आयेगी, तब आप कुछ सुखी हो सकते हैं। उक्त उद्बोधन आचार्य...
चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में प्रवचन : मनुष्य पर्याय चिंतामणि रत्न के समान हैं -आचार्य विनिश्चयसागर
मनुष्य पर्याय से बढ़कर कोई सौभाग्य नहीं हैं, ये सबसे बड़ा सौभाग्य हैं जो आपको प्राप्त हुआ है। आप इसे महसूस करें तभी आप मानव पर्याय की महत्त्वता समझ सकेंगे।...
गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ससंघ ने वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में प्रातःकालीन प्रवचन के दौरान बीते 6 जुलाई को शिक्षण शिविर में अपनी वाणी से सभी...
गणाचार्य विराग सागर जी से दीक्षित आचार्य श्री विहर्षसागरजी, मुनिश्री विजयेशसागरजी एवं मुनि श्री विश्व हर्ष सागरजी ने सोमवार को शोभायात्रा के साथ दिगंबर जैन...
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि विमल सागर जी, अनंत सागर जी,धर्म सागर जी,भाव सागर जी के नगर में मंगल प्रवेश के दौरान संपूर्ण नगर...
जिनवाणी का पालन करना हमारा कर्तव्य है। जिनागम जीवन का दर्पण है। दर्पण को देखकर शरीर का श्रृंगार कर बाहर जाते हो, जबकि जिनागम रूपी दर्पण से आत्मा का स्वरूप पता...
सभी को जिनेंद्र प्रभु का दर्शन करना चाहिए। जिनेंद्र प्रभु के दर्शन श्रद्धा और विनय के साथ करना चाहिए। यह मंगल प्रवचन अशोक नगर की धर्म सभा में आचार्य शिरोमणि...








