वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि छोटे को देखकर जिओ क्योंकि छोटे को देखकर जीवन में सुख और शांति बनी रहेगी...
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निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में विराजमान आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम् प्रिय शिष्य परम पूज्य मुनि श्री 108 योग्य सागर जी महाराज, मुनि श्री 108...
शाश्वत तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के प्रचार प्रसार एवं सर्वांगीण विकास के लिए अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का कामां जैन समाज ने भव्य अगवानी करते हुए नगर भ्रमण के साथ...
धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि हमें भगवान की पूजन अष्ठ द्रव्य से करनी चाहिए और हमें मंदिर में तीन बार परिक्रमा देते समय देव स्तुति बोलनी...
धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि जो जितना परिग्रह रखता है, उसे उतने ही विकल्प ज्यादा आते हैं। जगत के संकल्प ही विकल्पों का जनक है। यदि...
धर्मसभा में आचार्य श्री विहसंत सागर महाराज ने कहा कि देह को कृष करने वाले धर्म बहुत जन करते हैं, लेकिन तत्व का निर्णय करके तप करना वास्तविक तपस्या है। जिसने तन...
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सबसे सरल कार्य है प्रभु की भक्ति करना। इसमें...
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आज अमीरी बहुत बड़ी सजा है कि तुम चाहकर भी भगवान का नाम नहीं ले पा रहे।...
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि कर्म की अदालत में कोई लेन-देन नहीं करना। हर्ष पूर्वक सजा को ग्रहण करना...
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। पढ़िए शुभम जैन की...








