Tag - Dharmasabha

समाचार

धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : पुण्य को ठुकराकर जो आता है उसकी कथा पुराण बन जाती है – मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि आज अमीरी बहुत बड़ी सजा है कि तुम चाहकर भी भगवान का नाम नहीं ले पा रहे।...

समाचार

धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : जैनी सदा पापियों के लिए अपशुकन है – मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि कर्म की अदालत में कोई लेन-देन नहीं करना। हर्ष पूर्वक सजा को ग्रहण करना...

समाचार

चातुर्मासिक प्रवचन में धर्मसभा को किया संबोधित :  महान बनना तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना – मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। पढ़िए शुभम जैन की...

समाचार

धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : माता-पिता के प्रतिकूल न चलें- मुनि श्री सुधासागर महाराज

निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव तीर्थ चक्रवर्ती108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि महान बनना है तो एक बार दुश्मन से प्रशंसा सुनकर मरना। जानते हैं उनके...

समाचार

पंडित रत्न लाल बैनाडा जी आगरा के जन्म दिवस पर विशेष : जैन धर्म और संस्कृति की महक फैलाई पूरे भारत में

संपूर्ण भारतवर्ष में ज्ञान की धारा युवा विद्वानों से व्यवहृत है। इसका संपूर्ण श्रेय स्वर्गीय रतन लाल बैनाड़ा गुरु को जाता है, जिनका आज जन्म दिवस है। उनके कारण...

समाचार

भक्तामर शिविर का शुभारम्भ 9 को : विनय के बिना ज्ञान में वृद्धि नहीं- आचार्य विनम्रसागर

पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए भक्तामर वाले बाबा आचार्य विनम्रसागर महाराज ने कहा कि विनय के बिना ज्ञान में वृद्धि नहीं होती।...

समाचार

धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : सोचो नहीं, सोच बदलो तो बदलेगा जीवन – आचार्य विनिश्चयसागर

जो आज तक किया है अब नहीं करेंगे और जो नहीं किया है वो अब करेंगे। ऐसी विचारधारा जब आपकी अंतस चेतना में आयेगी, तब आप कुछ सुखी हो सकते हैं। उक्त उद्बोधन आचार्य...

समाचार

चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में प्रवचन : मनुष्य पर्याय चिंतामणि रत्न के समान हैं -आचार्य विनिश्चयसागर

मनुष्य पर्याय से बढ़कर कोई सौभाग्य नहीं हैं, ये सबसे बड़ा सौभाग्य हैं जो आपको प्राप्त हुआ है। आप इसे महसूस करें तभी आप मानव पर्याय की महत्त्वता समझ सकेंगे।...

समाचार

चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन हो रही है धर्मसभा : आत्मा बीज रूप है जो स्वयं ही पुरुषार्थ करके परमात्मा बन जाती है – आर्यिका विभाश्री माताजी

गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ससंघ ने वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में प्रातःकालीन प्रवचन के दौरान बीते 6 जुलाई को शिक्षण शिविर में अपनी वाणी से सभी...

समाचार

धर्म सभा में बताया गुरु पूर्णिमा का महत्व : आचार्य विहर्षसागरजी का शोभायात्रा के साथ चातुर्मास स्थल में हुआ मंगल प्रवेश 

गणाचार्य विराग सागर जी से दीक्षित आचार्य श्री विहर्षसागरजी, मुनिश्री विजयेशसागरजी एवं मुनि श्री विश्व हर्ष सागरजी ने सोमवार को शोभायात्रा के साथ दिगंबर जैन...

You cannot copy content of this page