उष्ण प्रचंड गर्मी के बीच बुधवार की प्रातः बेला में मुनि श्री108 निष्प्रह सागर जी महाराज ने स्वयं अपने हाथों से अपने केशो का लोचन किया। मुनि श्री का उपवास...
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प्रज्ञा श्रमण वात्सल्य मूर्ति पुण्य सागरजी महाराज ने अपने मूलगुणों की पालना में हाथों से केशलोंच किया। इधर, मुनिश्री संघ सानिध्य में चल रहे श्री भक्तामर...
स्वाध्याय-11 पांच महाव्रत, पांच समिति, पञ्चेन्द्रिय निरोध, छ: (षट्) आवश्यक, शेष सात गुण 28 मूलगुणों है । इन नियमों का पालन मुनि दीक्षा और आर्यिका दीक्षा लेने...








