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दिगंबर जैन मुनि पुण्य सागरजी का केशलोचः भक्तामर विधान मंडल पूजन का पांचवां दिन


प्रज्ञा श्रमण वात्सल्य मूर्ति पुण्य सागरजी महाराज ने अपने मूलगुणों की पालना में हाथों से केशलोंच किया। इधर, मुनिश्री संघ सानिध्य में चल रहे श्री भक्तामर महामंडल विधान पूजन का आज पांचवें दिन भी भक्ति भाव से अनुष्ठान जारी रहा। पढ़िए धरियावद से अशोक कुमार जेतावत की यह पूरी खबर…


धरियावद। श्री महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर, पुराना बस स्टैंड में प्रवासरत प्रज्ञा श्रमण वात्सल्य मूर्ति पुण्य सागरजी महाराज ने आज अपने 28 मूलगुणों की पालना में हाथों से केशलोंच किया गया। इधर, मुनि श्री संघ सान्निध्य में चल रहे श्री भक्तामर महामंडल विधान पूजन का आज पांचवें दिन भी भक्ति भाव से अनुष्ठान जारी रहा।

मूलगुणों का कठोरता से पालन 

जन सामान्य के ध्यानार्थ बता दें कि दिगंबर जैन मुनि अट्ठाइस (28) मूलगुणों का कठोरता से नियमपूर्वक पालन करते हैं। उनमें से एक मूलगुण अपने हाथों से बालों को तृणवत (घास) उखाड़ना ‘केशलोच‘ कहलाता है। वे किसी नाई की सहायता नहीं लेते या उस्तरे का प्रयोग नहीं करते हैं। मुनिचर्या के मूलगुणों में केशलोच प्रत्येक दो, तीन, चार माह की अवधि में एक बार किया जाता है। प्रत्येक दो माह में किया जाने वाला-उत्तम, तीन माह के बाद किया जाने वाला-मध्यम और चार माह बाद किया जाने वाला जघन्य केशलोच कहलाता है। इससे मुनिश्री की चर्या शरीर से निर्माेह शरीर और आत्मा के भिन्न-भिन्न प्रकार का बोध कराती है।

उपवास व्रत की साधना निरंतर 

संघस्थ मुनिराज महोत्सव सागरजी महाराज के (41) दिन और महातपस्वी मुनिश्री उदित सागरजी महाराज के 80 दिन के उपवास व्रत की साधना निरंतर जारी है। साथ ही श्रावक श्रेष्ठी सुरेश भाई पचौरी के 36 उपवास की साधना चल रही है। इनका मंगलवार को उपवास का 29वां दिन रहा। इनका पारणोत्सव आगामी 15 जनवरी को निज आवास पर संभावित है।

पांचवें दिन के पुण्यार्जक 

मुनिश्री पुण्य सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य, बाल ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी ‘बिगुल‘, बाल ब्रह्मचारी विकास भैया, ब्रह्मचारिणी मुन्नी बाईजी और पंडित गजेंद्र पटवा के निर्देशन में भक्तामर महामंडल विधान के पांचवें दिन के पुण्यार्जक- सुरेश पचौरी, अरविंद भंवरा, धनपाल वक्तावत, कुंतीलाल वणावत और चेतन वक्तावत परिवार रहे। दसा नरसिंहपुरा समाज के सेठ भंवरलाल दिनेश कुमार जेकणावत ने बताया कि पारसोला में विराजित वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज ससंघ को धरियावद पधारने की विनती करने के लिए श्रीसमाज बुधवार को जाएगा।

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