Tag - धर्मसभा

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दोहों का रहस्य -39 हमें आत्मा की उन्नति पर ध्यान देना चाहिए : शरीर, धन, पद और मान-सम्मान नश्वर हैं, परंतु आत्मा शाश्वत है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-6 अपने स्वाभिमान को अभिमान समझकर छोड़ें : धैर्य होने पर हो सकते हैं हर स्थिति में सफल

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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दोहों का रहस्य -38 संग्रह की मानसिकता व्यक्ति के जीवन में नकारात्मकता भर देती है : दान करने से व्यक्ति मुक्त होता है अपने लोभ, मोह और स्वार्थ से 

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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आचार्य ज्ञानसागरजी ने आचार्य विद्यासागर नहीं बनाए, उन्होंने साक्षात कुंदकुंद देव बनाएः समाधि दिवस पर आचार्यश्री विद्यासागर जी को याद किया

मुनिश्री सुधासागर जी महाराज अपनी गहरी आध्यात्मिकता और जैन धर्म के सिद्धांतों के प्रति समर्पण रखते हैं। वे हमेशा अहिंसा, सत्य और तप के महत्व पर जोर देते हैं।...

श्रीफल ओरिजिनल

लाइफमैनेजमेंट-5 मरते को बचाने वाला मानव है : किसी की खुशी के लिए किसी और की खुशी की प्राणों की बलि मत चढ़ाओ

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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दोहों का रहस्य -37 भोग-विलास में उलझकर अपना समय न गंवाएं : जीवन को आत्मज्ञान, धर्म, और सच्चे लक्ष्य की प्राप्ति में लगाएं

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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भगवान को नमोस्तु इसलिए करो नमोस्तु करते-करते भगवान बन जाओगेः मुनिश्री के प्रवचनों में धर्म और ज्ञान की बह रही है गंगा

मुनिश्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों में कटनी में विराजमान होकर अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म और ज्ञान का अकूत भंडार बांट रहे हैं। धर्मसभा में नित बड़ी संख्या...

श्रीफल ओरिजिनल समाचार

Life Management-4 पुत्री कही जाती है ‘उभयकुलवर्धिनी‘ : कुल की मर्यादा का पालन करने वाली स्त्री ही सुखी

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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दोहों का रहस्य -36 सच्ची सफलता केवल भौतिक धन में नहीं, बल्कि अच्छे कर्मों और समाज सेवा में : निस्वार्थ होकर कर्म करें, लालच न करें

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

श्रीफल ओरिजिनल

Life Management-3 प्रेम उससे करो, जिसे तुम नहीं भी चाहते हो : प्रेम असीमित होता है और प्यार सीमित

सूत्र वाक्य छोटे होते हैं लेकिन उनका निर्माण बडे़ अनुभवों के आधार पर होता है। महापुरुषों ने जो कुछ भी कहा, सूत्रात्मक ही कहा। सूत्र वाक्य ही सूक्तियां कहलाती...

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