Tag - धर्मसभा

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -32 यह शरीर क्षणिक है और किसी भी समय समाप्त हो सकता है : हर सांस में ईश्वर का नाम लेना ही सच्ची भक्ति और सच्चा जीवन है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

समाचार

दिगंबराचार्य वसुनंदी महाराज ने किया पद विहार: मथुरा में कराएंगे पंचकल्याणक महोत्सव

आचार्यश्री वसुनंदी जी महामुनिराज अल्प प्रवास पर मुरैना पधारे। यहां धर्म प्रभावना के साथ आगे के लिए विहार किया। वे जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र सिहोनियाजी में 6 दिन...

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दोहों का रहस्य -31 भगवान को पाने के लिए बाहरी साधनों पर निर्भर न रहें : वास्तविक भक्ति बाहरी कर्मकांडों से नहीं, बल्कि मन से होती है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य -30 विभिन्न लोग अलग-अलग परिस्थितियों में रहते हैं : हमें अपने जीवन को सत्य, धर्म और सद्गुणों के साथ जीना चाहिए

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य -29 दुर्बल, असहाय, या पीड़ित को कष्ट न दें : कमजोर की हाय में होती है एक अदृश्य शक्ति

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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दोहों का रहस्य -28 अज्ञान से ज्ञान की ले जाते हैं गुरु : आत्मविकास और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग है गुरु की कृपा

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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इच्छापूर्ति के बाद इच्छाएं बढ़ा देना पाप है: मुनिश्री सुधासागर की संदेशानाएं बदल रही जीवन मूल्यों को

मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के प्रवचनों का सार जीवन मूल्यों को बदलने में महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रहा है। मुनिश्री की धर्मसभाओं में जैन समाज के श्रावक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 22 शांतिनाथ और अजीतनाथ भगवान की चमत्कारी प्रतिमा हैं यहां बैलगाड़ी यहां से आगे ही नहीं बढ़ी और मूर्ति यहीं हो गई विराजमान

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -27 धर्म, आध्यात्मिकता, समाज-सेवा, और सत्य के मार्ग पर चलकर जीवन बनाएं सार्थक : व्यर्थ बिताया गया समय कभी लौटकर नहीं आता

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

आलेख समाचार

आचार्य श्री के प्रथम समाधि दिवस पर विशेष : गुरुवर की अप्रतिम मुस्कान से मुरझाए चेहरे भी खिल-खिल जाते

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, एक महान जैन आचार्य और दिव्य तत्वज्ञानी थे, जिन्होंने भारतीय समाज में अहिंसा, सत्य, और आत्मकल्याण के मार्ग को फैलाने में...

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