शब्दों का प्रयोग करने से पहले उसे मन के तराजू में तोल लेना चाहिए। यदि वह शब्द आपको अच्छे लगते हैं तभी वह दूसरों को प्रभावित कर पाएंगे, यदि आपको वह शब्द कड़वे...
Tag - धर्मसभा
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के मुखारविंद से आदिनाथ कथा का प्रारंभ हुआ। विपिन कुमार- प्रीति जैन को मुख्य श्रोता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर...
मुनिश्री सुधासागर जी की धर्मसभा इन दिनों कटनी क्षेत्र में जैन समाज के लोगों को जीवन के विभिन्न रहस्यों और जिम्मेदारियों से परिचय करवा रही है। मुनिश्री के...
शब्द के बगैर मानव गूंगा ही है साथ ही बेकार और आधारहीन है। मुनि विनय कुमार आलोक कहते है-‘शब्दों की ताकत, तलवार और गोली की ताकत से भी अधिक होती है। शब्दों के...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज का बुधवार की प्रातः बेला में नगर में मंगल आगमन हुआ। उन्होंने संघ सहित मोड़क गांव से रामगंजमंडी विहार किया। मंगल विहार में नगर के...
मुनि श्री सुधासागर जी महाराज इन दिनों धर्मसभा में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं को अपने प्रबोधन से धर्म, संस्कार, संयम, त्याग, प्रभु की भक्ति आदि के बारे में...
सभी व्यक्तियों का स्वभाव अलग-अलग होता है। हम किसी की तुलना किसी से नहीं कर सकते। परंतु बोलने के संदर्भ में हम यह अवश्य कह सकते हैं कि किसी को भी हम टका-सा जवाब...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...








