Tag - दिगंबर जैन

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भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया गयाः सामूहिक पूजा कर भक्ति भाव से निर्वाण लाडू चढाया 

कांच मंदिर का निर्माण 1903 और 1904 के बीच हुआ था। यह इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। यह पूरे साल देश-विदेश के...

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पंढरपुर जाते समय मालगांव में मुनिसंघ का मंगलप्रवेश: आचार्यश्री विशुद्धसागर जी के हाथों सुहास और स्मिता केरीमाने को मिली पिच्छी

आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ का मालगांव में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यहां के इतिहास में पहली बार इतना विशाल मुनी संघ आया है। यहां 34 मुनिराजों का एक साथ...

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प्रसन्न सागरजी आहार उन्हीं से लेंगे जो श्रावक की 11 प्रतिमा में से पहली दर्शन प्रतिमा का पालन करेंगेः घर में संयमित भोजन करने का दिया संदेश

आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज ने अपनी साधना में एक कदम और बढ़ाते हुए सोनागिरी सिद्धक्षेत्र पर एक नियम लिया है कि अब वह आहार उन्हीं से लेंगे जो श्रावक की 11...

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5 से 10 फरवरी तक सिहोनिया में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजितः मुख्य पात्रों का सम्मान कर घर-घर जाकर दिया निमंत्रण

जैन आचार्य वसुनंदीजी महाराज के ससंघ सानिध्य में जैन धर्म के तीर्थंकरों की प्रकट स्थली जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र श्री सिहोनियाजी में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव...

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बड़ौत में निर्वाण महोत्सव के दौरान मंच ढहा 7 श्रद्धालुओं की हुई मृत्यु: हर साल होता है यहां भगवान आदिनाथ का निर्वाण महोत्सव

बागपत जिले के बड़ौत में श्री दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के मैदान पर बड़ा हादसा हुआ है। भगवान आदिनाथ के निर्वाण महोत्सव के दौरान सीढ़ियां गिरने से 75 से अधिक लोग घायल...

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भगवान श्री आदिनाथ स्वामी का निर्वाण कल्याणक : यत्र यत्र सर्वत्र विद्यमान हैं ऋषभदेव आदिनाथ

आदिनाथ भगवान जी जिन्हें हर धर्म ऋषभदेव, आदि ब्रह्म, प्रजापति, शिव जैसे कई नामों के साथ थोड़े-थोड़े रूप परिवर्तन के साथ मान्यता प्रदान करते हैं। भगवान आदिनाथ का...

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प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ का 28 जनवरी को है मोक्ष कल्याणकः भगवान ने दिया कृषि करो या ऋषि बनो का सूत्र वाक्य 

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म चौत्र कृष्ण नवमी को सूर्याेदय के समय हुआ था। उन्हें ऋषभदेव जी, ऋषभनाथ भी कहा जाता है। ऋषभदेव आदिनाथ भगवान का...

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अंग्रेजी भाषा हमारी तीनों भाषाओं-प्राकृत, संस्कृत और हिंदी को खा गई-विनम्र सागरजी महाराजः पार्षद शिखाजी ने झंडा वंदन किया

धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चार शब्दों को लेकर ही भारतीय संविधान की रचना हुई। संविधान संशोधित होता रहा। संशोधित संविधान के प्रारूप में ही हम और आप आज जी रहे...

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सनावद में आदिनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक मनाएंगे : 28 जनवरी को आदिनाथ छोटा मंदिर में होगा अभिषेक 

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का निर्वाण कल्याणक मनाया जाएगा। सनावद के आदिनाथ छोटा मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा, पूजन आदि किए जाएंगे। पढ़िए सनावद से...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य - 15 शरीर, माया और मन से मुक्ति की आवश्यकता सबसे ज्यादा जरूरी : शारीरिक सुखों और भौतिक मोह को त्याग कर ही आत्मिक शांति संभव है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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