मार्दव का अर्थ होता है मृदुता या नम्रता और उत्तम का मतलब है श्रेष्ठ या उत्कृष्ट। इस प्रकार, “उत्तम मार्दव धर्म” का मतलब है “श्रेष्ठ नम्रता का...
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‘मार्दव’ का अर्थ है “मृदुता” या “नम्रता”। जैन दर्शन के अनुसार, उत्तम मार्दव धर्म का पालन व्यक्ति को अहंकार, अभिमान, और...
दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म का दिन है। ध्यान डर के कारण, लोभ के कारण, राग के कारण या शक्ति नहीं होने के कारण करना मार्दवता नहीं है। सर्वगुण...
अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा कि क्रोध पर जीवन में नियंत्रण होना चाहिए। परिस्थितियों पर विचार कर क्रोध को टालते हुए यदि जीवन में सहनशीलता...
निकटवर्ती दिगंबर जैन मंदिर लार में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी पर्वराज पर्युषण पर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म की पूजन आराधना एवं शांतिधारा में युवा वर्ग...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के आठवें दिन व पर्युषण पर्व के पहले दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर...
पूरे भारतवर्ष सहित विश्व भर में रहने वाले जैन संप्रदाय के लोग 10 दिनों तक व्रत संयम तप त्याग उपवास पूजा में लीन रहते हैं। बच्चों से लेकर महिलाएं, बुजुर्ग सभी...
कहते हैं जब वैराग्य किसी मनुष्य के हृदय में प्रवेश करता है तो उसकी सांसारिक कामनाएं अपने आप ही नष्ट हो जाती हैं। इसी दौरान सेक्टर 4, सेक्टर 7 एवं पश्चिमपुरी...
भाद्रपद माह में अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय के प्रमुख पर्व पर्युषण एवं दशलक्षण पर्व को ध्यान रखते हुए स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव...
क्षमा को बढ़ाना है तो प्रेम का विस्तार करो क्योंकि जिससे प्रेम होता है उसकी लात खाने मैं भी मजा आता है हृदय में प्रेम को बढ़ाओगे, क्षमा भी अपने आप बढ़ने लगेगी...








