Tag - जैन संत

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दूसरे की पीड़ा को समझना ताक़त नहीं, इंसानियत की पहचान: सर्वार्थ सागर जी महाराज

पथरिया में चातुर्मास के दौरान मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि किसी की तकलीफ़ को समझना शक्ति नहीं, बल्कि सच्ची इंसानियत की निशानी है। उन्होंने करुणा...

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निमाड़ में श्रद्धा से मना पूज्य मुनिश्री चारित्र सागर जी का जन्मदिवस : आत्मकल्याण के संकल्प के साथ गूंजा – नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु

निमाड़। अंचल में 27 जुलाई 2025 को पूज्य मुनिश्री चारित्र सागर जी महाराज की जन्मजयंती श्रद्धा, कृतज्ञता एवं आत्मिक ऊर्जा के साथ मनाई गई। समाज ने उनके जीवन से...

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शांति समागम - टोंक में राष्ट्रीय पत्रकार संगोष्ठी का आयोजन 27 जुलाई को : आचार्य शांतिसागरजी महाराज की शताब्दी वर्ष पर विशेष आयोजन

राजस्थान के टोंक में 27 जुलाई को जैन नसियाँ जी परिसर में “शांति समागम – राष्ट्रीय पत्रकार संगोष्ठी” का आयोजन होगा। यह संगोष्ठी आचार्य श्री...

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धर्मसभा में आचार्य वर्धमान सागरजी - धर्म से ही संभव है आपदा से मुक्ति : इंद्रियों पर नियंत्रण और अहिंसा से ही आत्मा की रक्षा संभव

टोंक में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने आत्मा की रक्षा के लिए संयमित जीवन, इंद्रियों पर नियंत्रण और धर्म पालन का मार्ग बताया।...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 15 आचार्य श्री चंद्रकीर्ति की रचनाओं में गुरु वंदना का प्रभाव: भट्टारक रत्नकीर्ति जी से दीक्षित थे आचार्य श्री चंद्रकीर्ति जी

राजस्थान की धरती पर जैन संतों ने तत्समय जो हिन्दी साहित्य के माध्यम से धर्म प्रभावना, प्रभु भक्ति के साथ गुरु भक्ति का संदेश दिया है। उनमें से एक संत...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 14 ब्रह्म श्री जयसागर जी ने गुरु वंदना को साहित्य का आधार बनाया: राजस्थान के जैन संतों में है अनुपम स्थान

राजस्थान के जैन संतों की श्रंखला में अनेकोनेक संत हुए, लेकिन अपने गुरु के प्रति निष्ठावान शिष्य बिरले ही नजर आए। जिन्होंने जन साधारण के लिए साहित्य तो...

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राजस्थान के जैन संत 13 भट्टारक श्री अभयचंद्र आध्यात्मिक जादूगर बन गए: काव्य वैभव और सौष्ठव प्रयुक्त होने की अपेक्षा प्रचार का लक्ष्य अधिक था

राजस्थान के जैन संतों ने जहां अपनी साधुता से जन-जन में आध्यात्मिक चेतना से जनजागरण किया। वहीं उनकी साहित्य साधना ने हिन्दी साहित्य को उस समय खूब समृद्ध किया।...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 12 बारडोली के संत श्री कुमुदचंद्र जी का साहित्य को अमूल्य योगदान: उनकी गुजरात और राजस्थान में अच्छी प्रतिष्ठा थी

राजस्थान को जैन संतों की भूमि के रूप में ख्याति अर्जित है। प्राचीन काल में भी यहां कई दिव्य संतों का जन्म और भ्रमण हुआ है। संत श्री कुमुदचंद्र जी ऐसे ही संत...

राजस्थान के संत समाचार

राजस्थान के जैन संत 11 आध्यात्म और भक्तिपरक पदों के रचियता भट्टारक श्री रत्नकीर्ति जी: रचनाएं भाषा, भाव और शैली सभी दृष्टियों से श्रेष्ठ

राजस्थान के जैन संतों ने जहां अपनी साधना से जनमानस को धर्म और आध्यात्म की ओर प्रेरित किया। वहीं मुनियों, साधुओं ने हिन्दी साहित्य में काव्य और भक्ति पदों के...

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राजस्थान के जैन संत 10  संतश्री सुमतिकीर्ति जी ने केवल साहित्य साधना से ही जैन समाज को किया जाग्रतः हिन्दी, संस्कृत, प्राकृत और राजस्थानी के थे प्रकांड विद्वान

जैन धर्म में राजस्थान में संतों और साधुओं ने जहां अपनी तप और साधना के बल पर जन जागृति का अलख जगाया तो कुछ संत ऐसे भी हैं जिन्होंने केवल अपने साहित्य साधना से...

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