पदमपुरा के अतिशय क्षेत्र में आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी के शिष्य आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी(6 पिच्छी) तथा आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी(18 पिच्छी) का आगमन...
Tag - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज
मनुष्य जन्म बहुत दुर्लभता से प्राप्त होता है। श्री आदिनाथ भगवान से लेकर महावीर स्वामी के तीर्थंकर कुल में आप सब ने जन्म लिया है। पदम प्रभ भगवान भी छठे तीर्थंकर...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर...
शलाका पुरुषों में श्री शांतिनाथ भगवान कामदेव, चक्रवती और तीर्थंकर तीन पद के धारी हैं। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दिगम्बर अतिशय क्षेत्र...
यूं ही नहीं आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज वात्सल्य वारिधि नहीं कहे जाते। गुरुदेव जिन शासन की वरिष्ठतम संतों में से एक हैं। उनका आशीष अपने संघ में विराजमान...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का पदमपुरा के लिए मंगल विहार : समाज ने दी अश्रुपूरित नेत्रों से दी विदाई
31 साधुओं सहित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शीतकालीन प्रवास में काफी धर्म प्रभावना कर आर्यिका श्री पूर्णिमा मति की जन्म धर्मनगरी निवाई से 2 फरवरी की दोपहर को...
आर्यिका श्री पूर्णिमामति माताजी सहित अनेक साधुओं की जन्मभूमि, समाधि निर्वाण भूमि पर आर्यिका श्री शीतलमति जी का सम्यक समाधि मरण शनिवार शाम 9 निर्जल उपवास के साथ...
नगर से बस द्वारा गुरुवार को समाज के पंच महानुभाव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य और मार्गदर्शन में आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय...
आचार्य श्री शांतिसागर जी की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 32 साधुओं सहित निवाई विराजित हैं। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में 27 जनवरी को...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित निवासी विराजित हैं। प्रतिदिन अनेक नगरों से भक्त गुरुदेव के दर्शन कर अपने-अपने नगर पधारने का निवेदन कर रहे हैं। निवाई से...








