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जयपुर हाउस में परम्पराचार्य श्री सौभाग्यसागर जी ससंघ का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश : बैंड-बाजों, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच श्रद्धा का अनुपम संगम


लगभग 20 वर्षों बाद परम्पराचार्य श्री 108 सौभाग्यसागर जी महाराज ससंघ का आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, मंगल आरती एवं जयघोष के साथ गुरु संघ का स्वागत किया। पढ़िए श्रीफल साथी शुभम जैन की यह रिपोर्ट।


आगरा। मरसलगंज गौरव, अंकलीकर परम्पराचार्य श्री 108 सौभाग्यसागर जी महाराज ससंघ का वर्षायोग-2026 लगभग 20 वर्षों बाद आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में सम्पन्न होने जा रहा है। रविवार प्रातः हरीपर्वत से मंगल विहार के पश्चात आचार्य श्री एवं स्थविर संत श्री सुरत्नसागराचार्य जी महाराज ससंघ का जयपुर हाउस में भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, उत्साह एवं धर्ममय वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ।

बैंड-बाजों और जयघोष के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

श्री दिगम्बर जैन चैत्यालय से प्रारंभ हुई शोभायात्रा बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों, धार्मिक ध्वजों तथा “जय जिनेन्द्र” और “आचार्य श्री की जय” के जयघोषों के साथ विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, जयपुर हाउस पहुँची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, मंगल आरती एवं चरण प्रक्षालन कर गुरु संघ का अभिनंदन किया।

दिगम्बर-श्वेतांबर समाज ने दिया एकता का संदेश

मार्ग में श्वेतांबर जैन समाज ने भी आचार्य श्री ससंघ का भावपूर्ण स्वागत किया। दिगम्बर एवं श्वेतांबर दोनों समाजों की सहभागिता ने सामाजिक सौहार्द, एकता और धर्मभावना का प्रेरणादायी संदेश प्रस्तुत किया। जयपुर हाउस क्षेत्र पूरे समय भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

108 थालियों से हुआ प्रक्षालन, धर्मसभा में मिली मंगल देशना

मंदिर पहुँचने पर सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं ने 108 थालियों से आचार्य संघ का प्रक्षालन किया। भगवान शांतिनाथ के दर्शन के उपरांत आयोजित विशाल धर्मसभा का शुभारंभ चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वास्ति महिला मंडल एवं शांतिनाथ महिला मंडल ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।

चातुर्मास आत्मशुद्धि और साधना का पावन अवसर

धर्मसभा में परम्पराचार्य श्री सौभाग्यसागर जी महाराज ने कहा कि चातुर्मास आत्मशुद्धि, संयम, स्वाध्याय और साधना का श्रेष्ठ अवसर है। धर्म तभी सार्थक है, जब वह जीवन में विनम्रता, करुणा, क्षमा और आत्मसंयम का विकास करे।

स्थविर संत श्री सुरत्नसागराचार्य जी महाराज ने कहा कि गुरु का सान्निध्य अत्यंत दुर्लभ है। चातुर्मास के प्रत्येक क्षण का सदुपयोग स्वाध्याय, पूजा, सामायिक, तप और सेवा में करना चाहिए।

29 जुलाई को होगा मंगल कलश स्थापना समारोह

धर्मसभा में मंदिर समिति, तपस्वी सम्राट वर्षायोग समिति एवं विभिन्न जैन संस्थाओं ने श्रीफल एवं शास्त्र भेंट कर आचार्य संघ का आशीर्वाद प्राप्त किया। वर्षायोग के अंतर्गत 29 जुलाई को अग्रसेन भवन, लोहामंडी में भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित होगा। चातुर्मास अवधि में प्रतिदिन प्रवचन, अभिषेक, पूजन, विधान, स्वाध्याय, तप, संस्कार शिविर एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित

इस अवसर पर मंदिर अध्यक्ष राकेश जैन पर्देवाले, मंत्री दीपक जैन, उपाध्यक्ष सुबोध पाटनी, विनोद रावंका, अनंत कुमार जैन, राजीव प्रकाश जैन, नीरज जैन जिनवाणी, बॉबी जैन, मनोज जैन चैन, राहुल जैन, अमित सेठिया, पंकज जैन, अजय जैन, राजीव जैन, विवेक जैन, तरुण जैन, राजकुमार जैन, सुनील जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, मालती जैन, पूजा जैन, राखी जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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