सकल जैन समाज कुचामन के सहयोग से श्री जैन वीर मंडल के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) के एक वर्ष 39 दिन के कठोर उपवास के पश्चात अक्षय तृतीया के दिन राजा श्रेयांस द्वारा आहार कराए जाने की पावन स्मृति में यह दिवस तप, त्याग, संयम एवं दान दिवस के रूप में मनाया गया। कुचामनसिटी से पढ़िए, यह खबर…
कुचामनसिटी। सकल जैन समाज कुचामन के सहयोग से श्री जैन वीर मंडल के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) के एक वर्ष 39 दिन के कठोर उपवास के पश्चात अक्षय तृतीया के दिन राजा श्रेयांस द्वारा आहार कराए जाने की पावन स्मृति में यह दिवस तप, त्याग, संयम एवं दान दिवस के रूप में मनाया गया।
सोभागमल गंगवाल एवं देवेन्द्र पहाड़िया ने बताया कि उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी महाराज के संघ के आशीर्वाद से सोमवार को विभिन्न सेवा कार्य किए गए। प्रातः 7.30 बजे कुचामन गोशाला, 8 बजे शाकम्भरी माता गोशाला एवं 9 बजे समरीयासागर बालाजी गोशाला में गोमाता को हरा रीजका, गुड़ एवं जल की व्यवस्था कर गोसेवा की गई।
इसके साथ ही प्रातः 9.30 बजे एवं सायंकाल अन्नपूर्णा रसोई में 201 जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन एवं मिठाई वितरित की गई। वहीं 11.30 बजे ष्अपना घरष् में निवासरत बीमार, लाचार एवं असहायजनों को अल्पाहार, दोनों समय भोजन, मिठाई, दवाई एवं रात्रि में दूध की सेवा प्रदान की गई। साथ ही संपर्क संस्थान में मूक-बधिर बच्चों को भी अल्पाहार एवं भोजन करवाकर सेवा कार्य किया गया। इन सेवा कार्यों में सोभागमल, सुभाष चन्द गगंवाल, देवेन्द्र कुमार, अजित कुमार पहाड़िया, अशोक कुमार, विनोद कुमार, नरेश कुमार झांझरी, प्रदीप काला, अशोक अजमेरा, पवन कुमार गोधा अशौक कुमार गोधा एवं रवि भार्गव सहित अनेक समाजबंधुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अशोक झांझरी एवं अशोक अजमेरा ने बताया कि सेवा कार्यों के पुण्यार्जक परिवारों में स्व. शांति देवी, धर्मचंद छाबड़ा परिवार, नीलम अनिल बज परिवार, भानुकुमार अजित पांड्या परिवार, गोपालचंद अजित परिवार, पारसमल पंकज पहाड़िया परिवार तथा जीवदया सेवा समिति ट्रस्ट के कमलकुमार (पुत्र स्व. धर्मचंदजी पांड्या) परिवार शामिल रहे। सचिव सुभाष पहाड़िया ने सभी पुण्यार्जक परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए साधुवाद दिया।













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