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धर्मसभा में दिए प्रवचन : अपने कर्मों का फल स्वयं को भोगना पड़ता है -‌ मुनि श्री शिवानंद जी महाराज


युगल मुनि श्री शिवानंद जी महाराज एवं मुनि श्री प्रश्मानंद जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार हमारी आंखें बुराई देखती है और मार हमारी पीठ को पड़ती है लेकिन आंसू आंखों से ही निकलते हैं, उसी प्रकार हमारे कर्मों के बारे में हमें सब कुछ पता होता है। पढ़िए मोहित जैन की रिपोर्ट…


मुरैना। युगल मुनि श्री शिवानंद जी महाराज एवं मुनि श्री प्रश्मानंद जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार हमारी आंखें बुराई देखती है और मार हमारी पीठ को पड़ती है लेकिन आंसू आंखों से ही निकलते हैं, उसी प्रकार हमारे कर्मों के बारे में हमें सब कुछ पता होता है। बबूल के पेड़ पर कभी आम नहीं लगते अगर हमारे कर्म बुरे हैं तो उसका फल भी हमें ही भुगतना होगा।

सर्वप्रथम मुनि श्री के मुखारविंद से श्रीजी की शांतिधारा करने एवं मुनिराज के पादप्रक्षालन और शास्त्र भेंट करने का‌ अवसर सोनू जैन रिंकू जैन बराहना वालों को प्राप्त हुआ। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर कमेटी एवं सकल जैन समाज मुरैना ने मुनि श्री के चरणों में 2024 चातुर्मास हेतु श्रीफल अर्पित किया। मुनि श्री ने सबको आशीर्वाद दिया।

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