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णमोकार महामंत्र जाप्य लेखकों का सम्मान कर प्रमाण पत्र दिए: अब तक एक अरब 46 करोड़ 18 लाख मंत्र लिखे जा चुके 


 जाप्य लेखकों का सम्मान समारोह रविवार सुबह 9.30 बजे श्री महावीर साधना संस्थान, अहिंसा पथ महावीर नगर में न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में हुआ। उपस्थित सभी जाप्य लेखकों ने सस्वर णमोकार महामंत्र का पाठ किया। जयपुर से पढ़िए, उदयभान जैन की यह रिपोर्ट…


जयपुर। आर्यिका श्री ज्ञानमति माताजी द्वारा 8 अक्टूबर (शरद पूर्णिमा के दिन) 1995 में गठित णमोकार महामंत्र बैंक की जयपुर शाखा माताजी द्वारा प्रवर्तित समवशरण रथ के जयपुर आगमन पर प्रेरणा पाकर विमलकुमार सोगाणी समिति के प्रथम अध्यक्ष ने वर्ष 1999 में श्री चंद्रप्रभ जिनालय दुर्गापुरा‌ में आयोजित विचार गोष्ठी के दौरान विभिन्न कालोनियों से आए श्रेष्ठियों की उपस्थिति में णमोकार महामंत्र बैंक संचालन समिति जयपुर का गठन किया। तब से निरंतर समिति द्वारा णमोकार महामंत्र जाप्य पुस्तिकाएं वितरित कर जाप्य लेखकों द्वारा णमोकार महामंत्र लिखवाया जाकर आर्यिका श्री ज्ञानमति माताजी के जन्म दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर जाप्य पुस्तिकाओं का संग्रहण कर जम्बूद्वीप हस्तिनापुर भेजकर वहां से प्राप्त प्रमाणपत्रों का वितरण वर्ष 2000 से नियमित किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष हरक चंद बडजात्या हमीरपुर वाले ने बताया कि जाप्य लेखकों का सम्मान समारोह रविवार सुबह 9.30 बजे श्री महावीर साधना संस्थान, अहिंसा पथ महावीर नगर में न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में हुआ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रेष्ठी महावीर कुमार उषा गोदिका अपने सुपुत्र-सुपुत्री जो अमेरिका से आई हुई थी ने चित्र अनावरण कर भगवान महावीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। श्राविका मंजू जैन सेवा वाले, संतोष चांदवाड ने सुंदर मंगलाचरण कर समारोह की शुरुआत की। उपस्थित सभी जाप्य लेखकों ने सस्वर णमोकार महामंत्र का पाठ किया।

समिति के मंत्री महावीरकुमार चांदवाड ने बताया कि उपस्थित सभी जाप्य लेखकों, दानदाताओं का स्वागत अभिनन्दन किया गया। समारोह न्यायमूर्ति नरेन्द्रकुमार जैन, महावीर साधना संस्थान के मंत्री सुरेशकुमार जैन, चित्र अनावरण दीप प्रज्ज्वलन कर्ता महावीर कुमार उषा गोदिका परिवार, मुख्य अतिथि विद्या प्रमाण रियल्टी के विनोदकुमार विभोर कुमार छाबडा, विशिष्ट अतिथि पवन कुमार गुणमाला लुहाडिया रायथल वाले‌, सहयोगी विजयकुमार, विनोदकुमार वेद, चंद्रकांता इंद्रचंद जैन, जैन पत्रकार महासंघ के‌ राष्ट्रीय महामंत्री और अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन अनिता बड़जात्या, विशिष्ट सहयोगी प्रमोदकुमार रितेश छाबडा, कमलचंद गोदिका, विद्वान राजेश गंगवाल आदि सभी अतिथियों का तिलक माल्यार्पण के साथ प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में हीरक पदक 39, स्वर्ण 93 और रजत 187 कुल 319।

जिन्होंने एक करोड़ 46 लाख 18 हजार णमोकार महामंत्र का लेखन कर जाप्य पुस्तिकाएं जमा कराई है। सभी लेखकों व अतिथियों को गुलाबचंद्र सुभाषचंद गंगवाल की ओर से प्रतीक चिह्न औरलेखकों को हस्तिनापुर से प्राप्त प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विद्वान पंडित राजेशकुमार गंगवाल द्वारा 84 लाख मंत्रों के जनक णमोकार महामंत्र के महात्म्य को विस्तृत रूप से समझाया। समिति के उपाध्यक्ष बाबूलाल जैन के अनुसार जाप्य लेखकों द्वारा अब तक एक अरब 46 करोड़ 18 लाख मंत्र लिखे जा चुके हैं। समिति के अध्यक्ष हरक चन्द बडजात्या हमीरपुर वाले ने उपस्थित सभी अतिथियों, दानदाताओं, प्रेरकों व जाप्य लेखकों के प्रति आभार व्यक्त किया ।

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